नई दिल्ली: सोमवार के कारोबार में शेयर बाजार के साथ साथ कमोडिटी बाजार में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतें साढ़े 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। WTI क्रूड 40 डॉलर प्रति बैरल के नीचे, वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमतें 45 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह चीन की इकोनॉमी में सुस्ती से मांग का कमजोर होना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई का बढ़ना है।
समझिए कैसे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से होगा आम आदमी को फायदा
पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट आना तय है। महीने के अंत में होने वाली तेल कमंपनियों की समीक्षा में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के अनुरूप ही पेट्रोल और डीजल में गिरावट आने की उम्मीद है।
महंगाई में राहत
खेतों से मंडियों तक अनाज और सब्जियां पहुंचाने में ट्रांसपोर्टेशन की भूमिका अहम है। एक अनुमान के मुताबिक सब्जियों और अनाज को मंडियों तक ले जाने में करीब 5 फीसदी टांस्पोर्टेशन लागत लगती है। गिरती डीजल ने ट्रांस्पोर्टेशन कॉस्ट को कम किया है। जिससे आम आदमी को महंगाई में राहत मिली है।
किसान खुश, घटेगा टैक्सी का भाड़ा भी
डीजल की गिरती कीमतों ने जहां एक ओर गांव में बसने वाले किसान के चेहरे पर खुशी ला दी वहीं शहरों में टैक्सी और बसों के भाड़े में कटौती की उम्मीद बढ़ा दी।
बचत बढ़ाने का मौका
मंहगाई के घटने और रोजमर्रा के खर्चों में कटौती ने आम आदमी को अपनी बचत बढ़ाने का मौका दिया है। यह मौका भी आम आदमी को ऐसे समय पर मुनस्सर हुआ है जब वित्तीय वर्ष खत्म होने को है। ऐसे में आम आदमी बचत करके जहां एक और लगने वाले टैक्स को कम कर सकता है वहीं दूसरी ओर बेहतर भविष्य के लिए कदम बढ़ा सकता है।
पेंट, प्लास्टिक का समान, सर्फ और साबुन जैसी चीजें भी सस्ती होने की उम्मीद
पेंट, प्लास्टिक से बनने वाले तमाम सामान जैसे कुर्सी, बाल्टी जैसी चीजें भी कच्चे तेल की गिरती कीमतों के साथ सस्ती हो सकती है। दरअसल इन इंडस्ट्रीज में उपयोग होने कच्चे माल (रॉ मैटेरियल) क्रूड ऑयल से ही बनते हैं। ऐसे में इन इंडस्ट्रीज की कॉस्ट में जबरदस्त कमी आई है जिसे आने वाले दिनों में कंपनियां ग्राहकों को बढ़ाती नजर आएगी।
हवाई सफर भी होंगे सस्ते
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले एटीएफ की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। ऐसे में एविएशन कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले आकर्षक ऑफर जारी रह सकते हैं।