नई दिल्ली: स्विस कंपनी लाफार्जहोलसिम अपने दो सीमेंट कारखाने बिड़ला कारपोरेशन को बेचेगी। कंपनी ने आज यह घोषणा की और कहा कि उसने झारखंड व छत्तीसगढ़ में अपने दो सीमेंट कारखाने बिड़ला कारपोरेशन को बेचने के लिए 5000 करोड़ रुपए का सौदा किया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस साल अप्रैल में होलसिम व लाफार्ज के विलय को इस शर्त के साथ मंजूरी दी कि वह पूर्वी भारत में अपने एक सीमेंट संयंत्र तथा एक ग्राइंडिंग स्टेशन को बेचेगी।
इस सौदे से बिड़ला कारपारेशन को पूर्वी भारत, झारखंड, छत्तीसगढ़ में अपनी उपस्थिति का विस्तार में मदद मिलेगी। कंपनी के कारखाने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व पश्चिम बंगाल में हैं। लाफार्जहोलसिम ने एक बयान में कहा है, उसने बिड़ला कोर्प के साथ अपनी कुछ आस्तियों को बेचने का समझौता है। इसका उद्यम मूल्य 5000 करोड़ रुपए है। कंपनी इस सौदे से मिलने वाले धन का इस्तेमाल कर्ज को कम करने में करेगी।
बिड़ला कार्पोरेशन ने बंबई शेयर बाजार से कहा उसने लाफार्ज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसके तहत बिड़ला कार्प सीधे या पूर्ण-स्वामित्व वाली अनुषंगी के जरिए लाफार्ज इंडिया से जोजोबेड़ा और सोनाडीह सीमेंट इकाइयां 5,000 करोड़ रुपए में खरीदेगी।
बिड़ला कार्प ने कहा कि वह सीमेंट कारोबार खरीदेगी जिसमें सोनाडीह (छत्तीसगढ़) की एकीकृत सीमेंट इकाई, जोजोबेड़ा (झारखंड) की पिसाई इकाई शामिल है। इन दोनों संयंत्रों की स्थापित क्षमता वार्षिक 51.5 लाख टन है। इसमें जोजोबेड़ा पिसाई इकाई की क्षमता 46 लाख टन और सोनाडीह इकाई की क्षमता 5.5 लाख टन है। इस विनिवेश के बाद भारत में लाफार्ज की उत्पादन क्षमात 6.8 करोड़ टन रह जाएगी। इस समाचार के बाद बिड़ला का शेयर 19 प्रतिशत उछल कर 540.25 रुपए पर बंद हुआ।