नई दिल्ली: अनुसंधान कंपनी मूडीज एनेलिटिक्स ने आज कहा कि रिजर्व बैंक कल अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है क्योंकि औसत बारिश और जिंस मूल्य में गिरावट के मद्देनजर मुद्रास्फीति कम रह सकती है। मूडीज ने एक रिपोर्ट में कहा भारतीय रिजर्व बैंक मंगलवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती के साथ रेपो दर को सात प्रतिशत पर लाने का महत्वपूर्ण फैसला कर सकता है।
मूडीज एनेलिटिक्स, मूडीज कार्पोरेशन की शाखा है और यह आर्थिक अनुंसधान एव विश्लेषण का काम करती है। रिपोर्ट के मुताबिक औसत से कम बारिश का अनुमान सफल नहीं हुआ है और बारिश दीर्घकालिक औसत के करीब है जो खरीफ फसल की बुवाई के लिए उत्साहजनक संकेत है। मूडीज एनेलिटिक्स ने कहा पिछले साल प्रमुख खरीफ फसलों की बुवाई वाले रकबे में दहाई अंक की वृद्धि हुई है। हालांकि मानसून सत्र अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए हमारा मानना है कि आरबीआई के पास नीतिगत दर में कटौती का मौका है क्योंकि बेहतर खाद्य आपूर्ति से मुद्रास्फीति पर लगाम लगने की संभावना है।
जुलाई में मानसूनी बारिश बढ़ी है और अगस्त में यह स्थिति बरकरार रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने जून में अनुमान जताया था कि इस साल बारिश कम होगी। रिपोर्ट के मुताबिक हाल के वैश्विक घटनाक्रमों से भी मुद्रास्फीतिक दबाव नियंत्रित रहने का संकेत मिलता है क्योंकि वैश्विक स्तर पर जिंस विशेष तौर पर ईरान परमाणु सौदे के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमत में गिरावट हो रही है।