नई दिल्ली: विदेशों में जमा धन का खुद ब खुद खुलासा करने वालों को पूरी गोपनीयता का कोई आश्वासन नहीं देते हुए सरकार ने आज कहा कि एक बारगी अनुपालन सुविधा के दौरान उपलब्ध कराई गई सूचनाओं का सार्वजनिक हित में खुलासा किया जा सकता है। राजस्व सचिव शक्तिकांत दास ने आज कहा, इस कालाधन कानून में गोपनीयता का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। हालांकि, यहां एक प्रावधान है कि आयकर कानून की धारा 138 के तहत व्यक्तिगत करदाता की सूचना गोपनीय रखी जाएगी। लेकिन विभाग जनहित में इसे सार्वजनिक कर सकता है।
दास ने हालांकि कहा कि विभाग बिना किसी कारण के सूचना सार्वजनिक नहीं करेगा। कमोबेश सूचना गोपनीय रखी जाएगी। नए कानून के तहत ऐसा कोई मामला नहीं बनता है कि हम एक सार्वजनिक नोटिस लगाएंगे कि फला फला व्यक्ति ने लाभ उठाया और कर का भुगतान किया। राजस्व सचिव ने ये बातें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा कालाधन कानून पर आयोजित एक परिचर्चा सत्र में कहीं जहां सीबीडीटी की चेयरपर्सन अनिता कपूर भी मौजूद थीं।
दास ने कहा कि राजस्व विभाग कानून के प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए अघोषित विदेशी आय और आस्ति कर अधिरोपण कानून, 2015 पर प्रश्नोत्तर का दूसरा सेट जारी करेगा। दास ने यह आशंका खारिज की कि विदेशों में अघोषित संपत्तियां रखने वाले लोग देश छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी के लिए भी कानून के लंबे हाथ से बच पाना मुश्किल होगा क्योंकि पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय कर चोरी रोकने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।