नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए नए तेल एवं गैस क्षेत्र में उत्पादन और पुराने क्षेत्रों के पुनर्विकास पर 41,678 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
कंपनी ने 2014-15 में 2.59 करोड़ टन कच्चे तेल और 23.52 अरब घनमीटर गैस का उत्पादन किया था और वह अपने पुराने हो रहे तेल क्षेत्रों में उत्पादन की कमी की स्थिति को पलटना चाहती है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ओएनजीसी पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर छह परियोजनाओं के विकास में 24,188 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके अलावा प्रमुख मुंबई हाई तेल क्षेत्र और पश्चिमी तट पर हीरा-दक्षिणी हीरा क्षेत्रों के पुनर्विकास पर 17,490 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
सबसे बड़ी परियोजना है पश्चिम अपतटीय दमन क्षेत्र का विकास जहां 6,086 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है ताकि 2034-35 तक 27.67 अरब घन मीटर गैस का उत्पादन किया जा सके। साथ ही पास के दक्षिण बेसिन क्षेत्र में अप्रैल 2017 तक अतिरिक्त विकास के लिए 4,620 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है ताकि 2030-31 तक 18.83 अरब घनमीटर गैस का उत्पादन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वसई पूर्व के अतिरिक्त विकास के लिए 2,477 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा ओएनजीसी अहमदाबाद के पास गामिज तेल क्षेत्र के विकास के लिए 1,881 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। ओएनजीसी कृष्णा-गोदावरी बेसिन में वशिष्ठ और एस-1 गैस क्षेत्र के विकास के लिए 4,124 करोड़ रपये का निवेश कर रही है।