नई दिल्ली: सन फार्मा ने गुड़गांव स्थित कंपनी रैनबैक्सी का 4 अरब डालर में अधिग्रहण पूरा करने के बाद कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारियों सहित जरूरत से अधिक कर्मचारियों को सेवामुक्त करना शुरू कर दिया है।
यह पुष्टि करने के लिए कि क्या रैनबैक्सी के 18 शीर्ष कार्यकारियों को कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है, सन फार्मा ने एक प्रवक्ता ने कहा, यदि कुछ कर्मचारियों को उचित ढंग से लगाया नहीं जा सकता, तो संगठन इससे एक उचित, पारदर्शी व संवेदनशील तरीके से निपटने के सभी प्रयास करेगा।
उसने कहा कि सन फार्मा-रैनबैक्सी के विलय का उद्देश्य सभी भागीदारों के लिए एक बड़े और बेहतर संगठन का निर्माण करना है। यह करने के लिए कंपनी सबसे उचित ढंग से कुल उपलब्ध प्रतिभा का इस्तेमाल करने के सभी प्रयास करना जारी रखेगी।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रैनबैक्सी के अध्यक्ष व सीएफओ इंद्रजीत बनर्जी, कंट्री हेड भारत युगल सिकरी, उपाध्यक्ष विपणन महिन्दर सिंह, वैश्विक क्रय प्रमुख गोविंद जाजू, निदेशक वित्त रातुल बहादुरी समेत 18 शीर्ष कार्यकारियों को कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है।