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करंट लगने से 3 साल की हथिनी की दर्दनाक मौत, फसल की रखवाली के लिए लगाया था ट्रैप

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए लगाए गए कथित इलेक्ट्रिक ट्रैप की चपेट में आने से 3–4 साल की हथिनी की मौत हो गई। वन विभाग ने जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Image Source : ANI सरगुजा के संभागीय वन अधिकारी लोकनाथ पटेल।

Highlights

  • सरगुजा में करंट की चपेट में आकर 3-4 साल की हथिनी की मौत।
  • फसल बचाने के लिए लगाए बैटरी वाले शॉक ट्रैप में फंसी थी हथिनी।
  • वन विभाग ने आरोपी को पकड़ा, पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

सूरजपुर/सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में करंट की चपेट में आने से करीब 3 से 4 साल की एक हाथी की बच्ची की मौत हो गई। घटना उदयपुर वन परिक्षेत्र में हुई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हाथी की बच्ची फसलों को बचाने के लिए लगाए गए बैटरी से चलने वाले कथित करंट वाले तार में फंस गई थी। शुरुआती जांच में मौत की वजह करंट लगना सामने आई है। हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सुबह मिली हाथी की बच्ची की मौत की सूचना

सरगुजा के संभागीय वन अधिकारी यानी कि DFO लोकनाथ पटेल ने बताया कि वन विभाग को शुक्रवार सुबह उदयपुर रेंज में घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, जहां हथिनी का शव पड़ा मिला। पटेल ने कहा,

'हमें आज सुबह उदयपुर रेंज में हुई घटना की जानकारी मिली। करीब 3 से 4 साल की हथिनी की करंट के संपर्क में आने से मौत हो गई थी।'

फसल बचाने के लिए लगाया गया था करंट वाला जाल

DFO के मुताबिक, जिस तार की चपेट में हाथी आया, वह बैटरी से चलने वाले एक इलेक्ट्रिक ट्रैप का हिस्सा था। बताया गया है कि इसे फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए लगाया गया था। हाथी की बच्ची इसी तार में फंस गई और उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने इस मामले में कथित तौर पर इलेक्ट्रिक जाल लगाने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘फसल बचाने के लिए लगाते हैं शॉक ट्रैप’

लोकनाथ पटेल ने कहा,

'लोग अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए ऐसे शॉक ट्रैप लगाते हैं, लेकिन हथिनी तार में फंस गई और उसकी जान चली गई।'

उन्होंने कहा कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। वन विभाग की टीमों की ओर से इलाके में लगातार गश्त की जा रही है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

39 वनकर्मी लगातार कर रहे गश्त

DFO ने बताया कि इलाके में वन विभाग की दो टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। इनमें एक टीम में 27 कर्मचारी और दूसरी टीम में 12 कर्मचारी शामिल हैं। कुल 39 वनकर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है। इनमें से 12 कर्मचारियों वाली टीम मौके पर पहुंच गई थी, जबकि 27 कर्मचारियों वाली दूसरी टीम इलाके में तलाश और गश्त का काम कर रही थी।

हाथियों के शोर की मिली थी जानकारी

अधिकारी के मुताबिक, यह घटना देर रात हुई। उस समय इलाके में हाथियों के शोर की जानकारी भी मिली थी। उन्होंने कहा कि संभव है कि उस समय वन विभाग के कर्मचारी तुरंत घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाए हों। बाद में जब घटना की जानकारी मिली तो टीमों को मौके पर भेजा गया। DFO लोकनाथ पटेल ने खुद भी घटनास्थल का दौरा किया और वन विभाग की कार्रवाई की निगरानी की।

पोस्टमार्टम के बाद साफ होगी मौत की वजह

वन विभाग ने शव की जांच के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया है। अधिकारी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों के बारे में ज्यादा जानकारी सामने आएगी। हालांकि, शुरुआती तौर पर मामला करंट लगने से मौत का ही प्रतीत हो रहा है। विभाग ने शव से जुड़े जरूरी कानूनी और पोस्टमार्टम संबंधी काम शुरू कर दिए हैं।

‘जिम्मेदार कोई भी हो, कानूनी कार्रवाई होगी’

DFO लोकनाथ पटेल ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,

'जिम्मेदार कोई भी पाया जाए, कानून सभी के लिए समान है। हम उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।'

कहा जा रहा है कि वन विभाग ने इलेक्ट्रिक ट्रैप लगाने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया है और अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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