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बस्तर में 10 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सिर पर था 25 लाख रुपये का इनाम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों के ऊपर कुल 25 लाख रुपये का इनाम था। पिछले 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2200 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।

Naxalites Surrender- India TV Hindi
Image Source : X/@PARAMILITARY_IN सरेंडर करने वाले नक्सली

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। गृहमंत्री अमित शाह ने अगले साल मई के महीने से पहले देश को नक्सलमुक्त करने का ऐलान किया है। ऐसे में नक्सलियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही हैं। वहीं, सुरक्षाबलों के जवान ऑपरेशन चलाकर एनकाउंटर भी कर रहे हैं। इस वजह से नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।

शुक्रवार (28 नवंबर) को बस्तर जिले में 'पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन' पहल के अंतर्गत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के वरिष्ठ सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा समेत कुल 25 लाख रुपये के इनामी 10 माओवादियों ने शुक्रवार को सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में 10 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के सिर पर 25 लाख रुपये तथा डिविजनल कमेटी सदस्य सरोज उर्फ मल्कू सोढ़ी के सिर पर आठ लाख रुपये का इनाम है।

किस नक्सली पर था कितना इनाम?

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले एरिया कमेटी सदस्य भूपेश उर्फ सनक राम फुरामी, प्रकाश उर्फ फिल साय सलाम, कमलेश उर्फ झितरू यादव, जन्नी उर्फ रायमती सलाम, संतोष उर्फ सन्नू आचला और रामशीला उर्फ बुकली सलाम के सिर पर पांच-पांच लाख रुपये तथा पार्टी सदस्य नवीन उर्फ भाजू सलाम और जयति उर्फ मनाई कश्यप के सिर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

2200 से ज्यादा नक्सलियों का आत्मसमर्पण

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा, ''‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन' बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र प्रगति की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रही है। आज का पुनर्वास कार्यक्रम जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय समाज, जिला प्रशासन, बस्तर पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षाबलों के सतत, समन्वित और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है। यह पहल बस्तर में जनविश्वास को मजबूत कर रही है और सकारात्मक बदलाव की रफ्तार को बढ़ा रही है।'' पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में माओवादी नेताओं समेत 2200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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