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बस्तर में अंतिम सांसें गिन रहा नक्सलवाद, 66 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 49 पर था कुल 2.27 करोड़ रुपये का इनाम

बस्तर डिवीजन में सरेंडर करने वाले 66 नक्सलियों में से 49 के ऊपर कुल 2.27 करोड़ रुपये का इनाम था। इन नक्सलियों के सरेंडर करने के बाद क्षेत्र में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।

Naxalites Surrender- India TV Hindi
Image Source : X/AIR बस्तर में नक्सलियों का सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिस और प्रशासन को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। यहां पांच जिलों में कुल 66 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। इनमें से 49 के ऊपर कुल 2.27 करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को बस्तर संभाग के पांच जिलों में 66 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। बीजापुर में 25, दंतेवाड़ा में 15, कांकेर में 13, नारायणपुर में आठ और सुकमा में पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 27 महिलाएं भी शामिल थीं।

एक अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली खोखली माओवादी विचारधारा, निर्दोष आदिवासियों पर नक्सलियों के अत्याचार और माओवदी संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेदों से निराश थे। नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों के सामने सरेंडर किया। अधिकारियों ने कहा, "उन्होंने राज्य सरकार की 'नियाद नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित होने का दावा किया, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों में विकास कार्यों को सुगम बनाना है। इसके अलावा, राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति और बस्तर रेंज पुलिस द्वारा शुरू की गई पुनर्वास पहल, पूना मार्गम (सामाजिक पुनर्मिलन के लिए पुनर्वास) से भी वे प्रभावित हैं।"

बीजापुर में 25 नक्सलियों का सरेंडर

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा, "बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले 25 लोगों में से 23 पर कुल 1.15 करोड़ रुपये का इनाम था। इनमें ओडिशा राज्य समिति का सदस्य और माओवादियों की विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य रमन्ना इरपा (37) और उसकी पत्नी रमे कलमू (30) शामिल हैं, जो एक प्लाटून पार्टी समिति (पीपीसीएम) सदस्य है और जिस पर 8 लाख रुपये का इनाम है।" यादव ने बताया कि सुक्कू कल्मू (38), बबलू माडवी (30), कोसी मडकम (28) और रीना वंजाम (28), जो माओवादियों के विभिन्न समूहों में महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय थे, सहित अन्य आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था।

2020 से 1020 नक्सलियों ने किया सरेंडर

दंतेवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर ने बताया कि दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण करने वाले 15 कैडरों में से पांच पर कुल 17 लाख रुपये का इनाम था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 15 नक्सलियों में संभागीय समिति सदस्य बुधराम उर्फ लालू कुहराम और उसकी पत्नी कमली उर्फ मोती पोतावी भी शामिल हैं, जिन पर क्रमशः 8 लाख रुपये और 5 लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि इस आत्मसमर्पण के साथ ही, जून 2020 में शुरू किए गए 'लोन वर्राटू' (स्थानीय गोंडी बोली में गढ़ा गया शब्द जिसका अर्थ है अपने घर/गांव लौट जाओ) अभियान के तहत अब तक 254 इनामी नक्सलियों सहित 1020 नक्सली हिंसा छोड़ चुके हैं।

सभी नक्सलियों को 50 हजार की मदद

पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि कांकेर में, आत्मसमर्पण करने वाले 13 नक्सलियों पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था। स्थानीय एसपी रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि नारायणपुर में आत्मसमर्पण करने वाले आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम था। गुरिया ने बताया, "इनमें से माओवादियों के उत्तर ब्यूरो तकनीकी दल के प्रभारी वट्टी गंगा उर्फ मुकेश (44) पर 8 लाख रुपये का इनाम था।" अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई और राज्य सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। (इनपुट- पीटीआई)

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