छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने की कोशिशों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बुधवार 15 अक्टूबर के दिन कांकेर जिले में 50 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले माओवादियों में 32 महिलाएं और 18 पुरुष शामिल हैं। बता दें कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की हुई है कि 31 मार्च, 2026 तक भारत नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों के सरेंडर करने से नक्सल मुक्त भारत की कोशिशों को बड़ी कामयाबी मिली है।
हथियारों के साथ किया सरेंडर
बुधवार को 1 बजकर 40 मिनट पर राजमन मंडावी (SZCM) और राजू सलाम (SZCM) के नेतृत्व में सीपीआई (माओवादी) कैडरों के समूह ने 39 हथियारों (7 एके 47, 2 एसएलआर और 4 इंसास, 01 इंसास एलएमजी, 1 स्टेनगन सहित) के साथ सरेंडर किया है।
DVCM रैंक कैडर के सदस्य भी शामिल
माओवादियों के जिस समूह ने बुधवार को सरेंडर किया है उसमें 05 डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) रैंक कैडर शामिल हैं। इनके नाम प्रसाद तदामी, हीरालाल कोमरा, जुगनू कोवाची, नरसिंह नेताम और नंदे (राजमन मंडावी की पत्नी) हैं। इन सभी ने कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा के कामटेरा में स्थित बीएसएफ के कैंप को सूचना दी और सरेंडर किया है।
Image Source : Reporterमाओवादियों के समूह ने किया सरेंडर।
सरेंडर किए गए हथियारों की डिटेल
- एके 47 रायफल कुल 07
- एसएलआर कुल 2
- इंसास राइफल कुल 04
- एलएमजी (इंसास) गन 01
- .303 राइफल 12
- बीजीएल लॉन्चर 01
- 12 बोर रायफल 05
- सिंगल शॉट राइफल 06
- स्टन गन 01 नंबर
कुल हथियार 39
Image Source : Reporterकांकेर में माओवादियों ने किया सरेंडर।
सरेंडर करने वाले माओवादियों का लेवल
- DKSZC राज्य समिति सदस्य 02 कैडर
- DVCM 05 कैडर
- ACM स्तर 21 कैडर
- पार्टी के सदस्य 21 कैडर
- कुल 50 कैडर
कुल 32 महिलाएं और 18 पुरुष
120 अन्य माओवादी भी कर सकते हैं सरेंडर
अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 50 माओवादियों का सरेंडर राज्य के माड़ के उत्तरी हिस्से से आत्मसमर्पण की पहली किश्त है। अगले बैच में, जिसमें करीब 120 माओवादी कैडर शामिल हैं, उनके कल सुबह तक माड़ के दक्षिणी भाग में स्थित बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में हथियार डालने की उम्मीद है।