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छत्तीसगढ़: पूर्व CM भूपेश बघेल का हिंदुत्व पर बड़ा बयान, कहा- "मुगल शासन में कभी हिंदू खतरे में नहीं था"

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने हिंदुत्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुगल शासन में भी कभी हिन्दू खतरे में नहीं था।

Bhupesh Baghel- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने हिंदुत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, "मुगल शासन में भी कभी हिन्दू खतरे में नहीं था। बीजेपी और आरएसएस डर फैलाकर तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।" दुर्ग में आयोजित अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा के कार्यक्रम में बघेल ने ये बयान दिया। 

ढाका में हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ मचा है हड़कंप 

गौरतलब है कि बांग्लादेश के ढाका में हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या के बाद से भारत में हंगामा मचा हुआ है और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अपराधों की कड़ी निंदा की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी ये बहस चालू है कि बांग्लादेश में हिदुओं को टारगेट करके मारा जा रहा है। इस बीच पूर्व सीएम बघेल का ये बयान कि "मुगल शासन में कभी हिंदू खतरे में नहीं था", चर्चा में है।

क्या है हकीकत?

इतिहास में तमाम जगहों पर ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं, जहां इस बात का जिक्र है कि मुगल शासन में हिंदुओं पर तमाम तरह के अत्याचार हुए। इस्लाम कबूल ना करने पर कई हिंदू महापुरुषों की निर्दयता से हत्या की गई। किसी को दीवार में चुनवा दिया गया तो किसी का सिर कलम कर दिया गया। हिंदू राजाओं की पत्नियों को बंधक बनाकर हरम में रखा गया। हिंदू राजाओं के बीच फूट डालकर उन्हें आपस में लड़वाया गया और उनके राज्य पर कब्जा करके जुल्म किए गए।

मुगल शासक औरंगजेब के राज में हिंदुओं पर जजिया कर लगाया गया। यह कर इस्लामी शरिया के अनुसार गैर-मुस्लिमों से सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के बदले लिया जाता था, लेकिन इतिहासकारों के अनुसार यह हिंदुओं के लिए भेदभावपूर्ण और अपमानजनक था। अकबर ने इसे खत्म कर दिया था लेकिन औरंगजेब ने इसे फिर से लागू किया। यह कर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग था। (इनपुट: सिकंदर खान)