1. Hindi News
  2. छत्तीसगढ़
  3. GeM पर छत्तीसगढ़ ने किया शानदार प्रदर्शन, सरकारी खरीद में हुई 113% की बढ़ोतरी, एक साल में ₹130 करोड़ की बचत

GeM पर छत्तीसगढ़ ने किया शानदार प्रदर्शन, सरकारी खरीद में हुई 113% की बढ़ोतरी, एक साल में ₹130 करोड़ की बचत

छत्तीसगढ़ ने सरकारी खरीद के डिजिटल मंच GeM यानी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य की सरकारी खरीद में 113% की बढ़ोतरी हुई। इससे छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए सरकारी बाजार के और रास्ते खुले हैं।

Chhattisgarh Government Procurement Rises by 113 Percent- India TV Hindi
Image Source : REPORTER GeM पर छत्तीसगढ़ का बेहतरीन प्रदर्शन।

छत्तीसगढ़ ने सरकारी खरीद में ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक फंड के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' (GeM) के जरिए ₹3,935 करोड़ तक की खरीद की है। ये खरीद बीते साल की तुलना में 113% ज्यादा है। इस शानदार उपलब्धि को लेकर नई दिल्ली में GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को 'GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है।

सरकारी खर्च में 130 करोड़ रुपये की बचत

छत्तीसगढ़ के लिए ये मुकाम हासिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि GeM के जरिए खरीद बढ़ने से सरकारी खर्च में बचत भी हुई है। जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कॉम्पिटिटिव बिडिंग के माध्यम से राज्य ने 130 करोड़ रुपये की बचत की है। वहीं, बीते 3 साल में छत्तीसगढ़ ने कुल 235 करोड़ रुपये की बचत की। इससे साबित होता है कि सरकारी खरीद के लिए डिजिटल मंच GeM ने खरीद की प्रक्रिया को  भी आसान और अधिक पारदर्शी बनाया है और  राज्य के खजाने पर खर्च का बोझ कम करने में भी मदद की है।

छोटे व्यवसायों पर सबसे बड़ा असर

डिजिटल प्लेटफॉर्म GeM पर विभागों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा खरीद का दायरा बढ़ने से अब समाग्रियों और सर्विसेज की कीमतों की खुली तुलना और प्रतिस्पर्धी बोली लगाना आसान हो गया है। इसके साथ ही खरीद प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है जिससे जवाबदेही भी अधिक मजबूत हुई है। इस कारण ट्रांसपेरेंसी को ध्यान में रखते हुए सरकारी खरीद में बेहतर कीमतें और बेहतर कीमत हासिल करने की ज्यादा गुंजाइश देखने को मिल रही है। इस बदलाव को जो सबसे बड़ा असर है वह छोटे व्यवसायों पर देखा जा सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) से खरीद 1800 करोड़ रुपये की रही है। ये बीते साल की तुलना में 61% ज्यादा है। बता दें कि ये आंकड़ा MSE खरीद के लिए तय की गई 25% के लक्ष्य से काफी ज्यादा है। GeM की मदद से छोटे उद्यमों के लिए सरकारी बाजार तक सीधी पहुंच भी आसान हो गई है। इसकी मदद से वे बिचौलियों पर निर्भरता के बगैर भी अपनी क्षमताओं और प्रतिस्पर्धी कीमतों के आधार पर सरकारी मांग में हिस्सा ले सकते हैं।

सरकारी बाजार में भागीदारी का दायरा बढ़ा

छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद का दायरा अब महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमों और स्टार्टअप्स तक भी काफी तेजी से पहुंच रहा है। आपको बता दें कि जो आंकड़े आए हैं उसके मुताबिक, महिला उद्यमियों से खरीद में 97% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, SC/ST उद्यमियों को दिए गए ऑर्डर में 108% का उछाल देखा गया है। इसके अलावा स्टार्टअप्स से खरीद में 178% की बढ़ोतरी हुई है। स्टार्टअप्स में इस उछाल से पता चलता है कि नए और उभरते उद्यम भी सरकारी खरीद में तेजी से अपनी भागीदारी को बढ़ा रहे हैं। ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सरकारी खरीद अब सिर्फ एक खर्च करने की प्रक्रिया नहीं रह गई है। ये उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने के एक माध्यम के तौर पर भी सामने आ रही है। GeM के जरिए सरकारी डिमांड छोटे उद्योगों, महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमों और स्टार्टअप्स तक पहुंच बना रही है, जिससे सरकारी बाजार में भागीदारी का दायरा बढ़ रहा है।

खरीद की प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी आई

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की इस कामयाबी का एक और बड़ा पहलू है, और वह है-'पैसे का सही इस्तेमाल'। डिजिटल प्रोक्योरमेंट सिस्टमडिजिटल प्रोक्योरमेंट सिस्टम में खुला कॉम्पिटिशन, स्टैंडर्ड प्रोसेस और डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है जिससे सरकारी विभागों को अधिक विकल्प मिल रहे हैं। इसका सीधा असर हुए है कि खरीद की प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी आई है और और लागत घटी है।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य को मिली इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। सीएम साय ने कहा कि पारदर्शिता और सरकारी फंड का सही इस्तेमाल ही अच्छे शासन यानी गुड गवर्नेंस की नींव है। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य तकनीक के इस्तेमाल की मदद से सरकारी खरीद को ज्यादा कॉम्पिटिटिव, कुशल और जवाबदेह बनाना और साथ ही MSME, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और SC/ST उद्यमों के लिए ज्यादा अवसरों का सृजन करना है।

वहीं, इस उपलब्धि पर वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। सचिव रजत कुमार ने कहा है कि GeM प्लेटफॉर्म ने छत्तीसगढ़ के उद्यमों को सरकारी मांग तक सीधी पहुंच दी है। उन्होंने कहा कि एक ओपन डिजिटल मार्केटप्लेस में किसी उद्यम के लिए जो चीज सबसे ज्यादा मायने रखती है वह है उसकी क्षमता और कॉम्पिटिटिवनेस। इसकी मदद से छोटे और नए उद्यमों के लिए सरकारी बाजार में खुद को स्थापित करने के ज्यादा अवसर बनते हैं।

ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में AI क्रांति की शुरुआत: 500 करोड़ रुपये के AI मिशन से 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग