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रायगढ़: 14 गांव के हजारों लोग कोयला खदान का कर रहे विरोध, गुस्साई भीड़ ने की आगजनी, पुलिस की गाड़ियां फूंकी, 8 घायल

तमनार में JSPL कोयला खदान के लिए नियम खिलाफ जनसुनवाई हो रही है। इसका 14 गांव के हजारों ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन चुपचाप जन सुनवाई करा रहा है। इसी को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो गया।

गुस्साई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियां जलाईं- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गुस्साई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियां जलाईं

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में 15 दिनों से जारी प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गया। जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे 14 गांव के हजारों ग्रामीण और पुलिस के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ। इस झड़प में तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर समेत दर्जनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गुस्साएं लोगों ने तीन गाड़ियों में आग लगा दी।

 प्रशासन और कंपनियां बन रहीं दबाव

विवाद की शुरुआत तब शुरू हुई, जब तमनार इलाके में नई कोयला खदानों के लिए भूमि आवंटन को लेकर प्रशासन जनसुनवाई की प्रक्रिया कर रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी भूमि का पूर्ण रूप से अधिग्रहण नहीं हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन और कंपनियां दबाव बना रही हैं। कुछ दिनों पहले हुई जनसुनवाई का भी ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया था।

शांति से प्रदर्शन कर रहे थे ग्रामीण

बताया जा रहा है कि ग्रामीण शांति से धरना दे दे रहे थे, लेकिन पुलिस जब उनको हटाने पहुंची तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। इसके बाद भीड़ ने पुलिस के ऊपर पथराव करना शुरू कर दिया। हालात इतने खराब हो गए आगजनी और पत्थरबाजी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस हिंसक झड़प में 8 पुलिस वाले और कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि इलाके में शांति कायम करने के लिए वो ग्रामीणों के साथ बात करने को तैयार हैं।

ग्रामीणों का धरना हटवाने की कोशिश

रायगढ़ के तमनार में कोयला खदान के आबंटन के विरोध में ग्रामीण पिछले करीब 15 दिनों से धरने पर बैठे थे। शनिवार को जब पुलिस प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों का धरना हटवाने की कोशिश हुई तो माहौल हिंसक हो गया।

पुलिस की गाड़ियों में लगाई गई आग

इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए रायगढ़ के केलक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि तमनार में तनाव इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते ग्रामीण और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। इसके बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस प्रोटेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। 

महिला पुलिस पर किया गया हमला

हालात जब हिंसक हुए तो प्रदर्शनकारी महिलाओं ने महिला पुलिस पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान तमनार थाना की थाना प्रभारी कमला पुषाम को महिलाओं ने घेर लिया। उनके साथ मारपीट की गई। उनको लात मारी गई।

दोबारा ग्रामीणों से बात करने पर उग्र हुई भीड़

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि हमले में थाना प्रभारी घायल हो गईं। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। इसके बाद कुछ महिलाओं ने उन्हें पानी पिलाया। घायल थाना प्रभारी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां पर उनका इलाज जारी है। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम दोबारा ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए गई। लेकिन भीड़ उग्र थी। भीड़ ने फिर से पथराव कर दिया।