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चक्रवात अर्नब का छत्तीसगढ़ में भी असर, कई जिलों में स्कूल बंद; भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात अर्नब के असर से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं। एहतियातन कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

Cyclone Arnab Chhattisgarh, Chhattisgarh School Holiday- India TV Hindi
Image Source : PTI चक्रवात अर्नब की वजह से आंध्र प्रदेश में जहां भारी तबाही हुई है, वहीं छत्तीसगढ़ में भी इसका असर देखने को मिला है।

Highlights

  • चक्रवात अर्नब के असर से रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं।
  • मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी।
  • किसानों को पकी फसल सुरक्षित रखने और गेहूं, चना व मसूर की बुवाई टालने की सलाह दी गई।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का असर दिखाई देने लगा है। बुधवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। मौसम की स्थिति को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। कुछ जिलों में गुरुवार के लिए भी एहतियातन छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गुरुवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अब तक मौसम के कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

कई जिलों में स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद

सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। वहीं, रायपुर, नारायणपुर, महासमुंद, बिलासपुर, राजनांदगांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी में गुरुवार को सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। रायपुर में कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी छुट्टी घोषित की गई है। यह फैसला बारिश, तेज हवाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

आपदा प्रबंधन कानून के तहत एहतियाती कदम

रायपुर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के संबंधित प्रावधानों के तहत एहतियातन छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन का उद्देश्य खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों को किसी संभावित खतरे से बचाना है। राज्य सरकार ने भी सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भारी से बेहद भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राहत शिविरों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप्स और निगरानी व्यवस्था को मजबूत रखने पर जोर दिया गया है।

कई जिलों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बस्तर, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है। राज्य के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मौसम विभाग ने भी किसानों और आम लोगों के लिए मौसम आधारित सलाह जारी की है। इसके मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से लेकर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

1 नवंबर तक बिजली गिरने की संभावना

कृषि मौसम विभाग की सलाह के मुताबिक, 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। इससे खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के बाद खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी इंतजाम बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने 26 अक्टूबर को ही सभी जिला कलेक्टरों को चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए सावधानी बरतने के लिए कहा था।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, मक्का और तिलहन की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उनकी कटाई कर लें और उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें भी अनाज को ऐसी जगह रखने की सलाह दी गई है, जहां बारिश का पानी न पहुंच सके। खेतों में जलभराव रोकने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। मौसम सुधरने तक गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुवाई टालने की सलाह भी दी गई है। (PTI से इनपुट्स के साथ)

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