रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पिछले महीने राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सीजीपीएससी महाघोटाले के आरोपी पूर्व अधिकारियों एवं नेताओं के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सीएम बोले दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस महाघोटाले में अपने भविष्य की बलि देने वाले मेरे सभी बच्चों को आश्वस्त करता हूं कि आपके साथ हुए अन्याय का हिसाब होगा।’’ एक सरकारी बयान में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू ने राज्य के गृह विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
इन लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू ने राज्य के गृह विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। गृह विभाग ने 2 फरवरी को राज्य ईओडब्ल्यू/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निदेशक को एक पत्र में सूचित किया था कि 170 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित सीजीपीएससी परीक्षा -2021 के परिणाम घोषित होने के बाद, ननकीराम कंवर (पूर्व भाजपा विधायक) ) और अन्य लोगों ने आयोग के खिलाफ अनियमितताएं और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। पत्र के अनुपालन में ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज किया।
धांधली से रिश्तेदारों का चयन हुआ
पत्र के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, सीजीपीएससी के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक और अन्य लोक सेवकों और राजनेताओं ने अपने पदों का दुरुपयोग किया। इन्होंने सहायक प्रोफेसर चयन परीक्षा 2021 सहित 2020 और 2021 में भर्ती प्रक्रिया में चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया और हेरफेर किया और योग्य उम्मीदवारों के स्थान पर अपने बेटों, बेटियों और रिश्तेदारों का चयन किया।