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'किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा', सीएम साय ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर अपनाया सख्त रुख

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने त्वरित और सख्त कदम उठाया है।

Vishnudev Sai, CM, Chhattisgarh- India TV Hindi
Image Source : PTI विष्णुदेव साय ,मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

रायपुर: बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार ने त्वरित और सख्त कदम उठाए हैं। विष्णुदेव साय ने कहा, ' इस दुखद घटना की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, अपराधियों के बैंक खाते सील कर दिए गए हैं और उनके अवैध कब्जे को भी हटाया गया है।'

अपराध के खिलाफ सख्त एक्शन

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अन्याय और अपराध के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

 समाज में नफरत फैलाने की कोशिश 

साय ने कहा, 'छत्तीसगढ़ की पहचान शांति और सद्भाव की भूमि के रूप में है। दुर्भाग्य से, कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसी सोच और गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त किया जाए। मैं प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि इस मामले में न्याय होगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ की जनता का विश्वास और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

बता दें कि बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर (33) एक जनवरी की रात से लापता थे तथा शुक्रवार को उनका शव बीजापुर शहर के चट्टानपारा बस्ती में सुरेश चंद्राकर के स्वामित्व वाले परिसर में एक सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया। सुरेश चंद्राकर फरार है, जबकि उसके रिश्तेदार रितेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर तथा सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में सुरेश चंद्राकर मुख्य आरोपी है। वह बीजापुर में कांग्रेस नेता और पार्टी का पदाधिकारी है। प्रशासन ने आरोपी की अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनकी हत्या की जांच के लिए बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस अधिकारी मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11-सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।