छत्तीसगढ़ में दुर्ग के सिविल लाइन स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। गरबा पंडाल में मुस्लिम युवकों के प्रवेश का आरोप लगाते हुए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच पर जमकर झूमाझटकी और हाथापाई हुई, जिसमें पूर्व महापौर और जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। पुलिस ने मामले में 9 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसके विरोध में अब हिंदू संगठनों ने एसपी का पुतला फूंकने की चेतावनी दी है।
दुर्ग नवनिर्माण समिति की ओर से सिविल लाइन हॉकी ग्राउंड में भव्य गरबा उत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम अभी शुरू ही हुआ था कि अचानक बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मंच तक जा पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गरबा पंडाल में गैर-हिंदू युवकों को प्रवेश दिया गया है। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मंच पर झूमाझटकी शुरू हो गई।
कांग्रेस नेता धीरज बाकलीवाल के साथ धक्का-मुक्की
इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के साथ भी प्रदर्शनकारी उलझते और धक्का-मुक्की करते नजर आए। मामले में धीरज बाकलीवाल ने कहा कि हमारा यह कार्यक्रम पूरी तरह निशुल्क है। जो भी माता रानी के प्रति सच्ची आस्था रखता है, वह यहां आ सकता है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से शुरू ही हुआ था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर पूरे माहौल और प्रोग्राम को खराब करने की कोशिश की है।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी रामलोचन तिवारी ने कहा यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि हिंदू धर्म के पवित्र गरबा उत्सव में मुस्लिम युवक शामिल हों। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने खुद कहा है कि इस्लाम में मूर्ति पूजा नहीं होती है, तो फिर यहां ऐसे युवकों का क्या काम? तिलक लगाकर और गंगाजल छिड़ककर ही अंदर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
उपद्रव करने वालों के खिलाफ केस दर्ज
बजरंगदल के पदाधिकारी ने कहा हिंदू हित की रक्षा करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने उल्टे एफआईआर दर्ज की है। अगर पुलिस हमारी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं करती, तो हम जिले के एसपी का पुतला दहन करेंगे। वही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्र ने कहा कि मामले में अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है जिसकी विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद शहर का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। हिंदू संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। धार्मिक आस्था और उत्सव के नाम पर शुरू हुआ यह गरबा अब कानून-व्यवस्था और तीखी बयानबाजी का केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहां आयोजक इसे केवल आस्था का पर्व बताकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बजरंग दल इसे 'लव जिहाद' की साजिश बताते हुए आर-पार की लड़ाई के मूड में है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस बढ़ते तनाव को कैसे शांत कराता है।
रिपोर्ट- सिकंदर खान
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