A
  1. Hindi News
  2. छत्तीसगढ़
  3. सुकमा: सुरक्षाबलों ने खत्म किया नक्सलियों का ठिकाना, दूरबीन-दवा सहित कई हथियार बरामद

सुकमा: सुरक्षाबलों ने खत्म किया नक्सलियों का ठिकाना, दूरबीन-दवा सहित कई हथियार बरामद

सुकमा में नक्सलियों के होने की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की टीम भेजी गई थी, जिसे नक्सिलयों का ठिकाना मिला। यहां दूरबीन और दवा के साथ देसी हथियार भी बरामद किए गए हैं।

CRPF jawan- India TV Hindi
Image Source : X/CRPF सीआरपीएफ जवान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने जंगल में छापेमारी कर विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिंतावागु नदी के करीब गुंडराजगुडेम गांव के जंगल क्षेत्र से बड़ी संख्या में हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। उन्होंने बताया कि चिंतागुफा थाना क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर शुक्रवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का कोबरा बटालियन और जिला बल के संयुक्त दल को पीनाचंदा, गुंडराजगुडेम गांव और चिंतावागु नदी क्षेत्र के जंगल में रवाना किया गया था। 

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की टीम जब अभियान के दौरान गुंडराजगुडेम गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर चिंतावागु नदी के तट पर स्थित घने जंगल में थी तब उसे नक्सलियों द्वारा छुपाकर कर रखे गए विस्फोटक और अन्य सामान मिले। 

दूरबीन सहित कई हथियार बरामद

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने जंगल से दो देशी हथियार, एक दूरबीन, 50 मल्टीपल मेडिसिन स्ट्रिप, पांच इंजेक्शन, 12 इंजेक्शन सिरिंज, 50 ग्राम विस्फोटक पाउडर, नक्सली साहित्य और अन्य सामान बरामद किया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है। छत्तीसगढ़ में एक साल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं और कई ने सरेंडर भी किया है। राज्य सरकार ने सीएम विष्णुदेव साय की अगुआई में राज्य से नक्सलवाद खत्म करने का प्रण लिया है।

बारूदी सुरंग में घायल हुआ था जवान

21 फरवरी (शुक्रवार) को नारायणपुर जिले में बारूदी सुरंग की चपेट में आकर सुरक्षाबल का एक जवान घायल हो गया था। छोटेडोंगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तोयमेटा और कवानार गांव के बीच जंगल में बारूदी सुरंग (आईईडी) की चपेट में आने से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान घायल हो गया था। छोटेडोंगर थाने से जिला बल और डीआरजी के संयुक्त दल को गश्त के लिए रवाना किया गया था। अभियान के दौरान दोपहर लगभग 1.45 बजे तोयमेटा और कवानार के बीच जंगल में बारूदी सुरंग विस्फोट की चपेट में आने से डीआरजी का एक जवान घायल हो गया था। घायल जवान को जंगल से बाहर निकाला गया। घायल जवान की हालत खतरे से बाहर है। 

नारायणपुर सहित सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए माओवादी अक्सर सड़कों और जंगल में कच्ची पगडंडियों पर बारूदी सुरंग लगाते हैं। इस क्षेत्र में पहले भी नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से सुरक्षाबल के जवानों और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले 15 फरवरी को बीजापुर जिले में बारूदी सुरंग (प्रेशर बम) की चपेट में आने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का जवान घायल हो गया था। (इनपुट- पीटीआई भाषा)