छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शनिवार को दो बांग्लादेशी महिलाओं को अवैध रूप से देश में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि दोनों की पहचान सनाया नूर और खुशबू बेगम के रूप में हुई है। एसएसपी ने बताया, "राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान करने के लिए गठित जिला पुलिस के विशेष कार्य बल ने उन्हें मोहन नगर थाना क्षेत्र के जयंती नगर से पकड़ा।
पूछताछ के दौरान नूर ने अपना नाम सपना शर्मा उर्फ सपना मंडल बताया वहीं, बेगम ने पहले खुद को रानी पासवान बताया।" उन्होंने बताया कि नूर और बेगम बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के जोबरहाट की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा, "नूर 15 साल पहले अवैध रूप से भारत में आई थी। बाद में वह छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर पहुंची और आठ साल तक चंगोराभाटा इलाके में रही। 2019 में उसने सपना शर्मा के नाम से आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड बनवाया और अभय शर्मा को अपना पति घोषित किया। वह इंटरनेट आधारित कॉल के जरिए बांग्लादेश के कई नंबरों से लगातार संपर्क में थी।"
फर्जी आईडी कार्ड भी बनवाया
अधिकारियों ने कहा कि बेगम ने जाली दस्तावेजों का उपयोग करके आईडी कार्ड भी प्राप्त किए, जिसमें उसे पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के आसनसोल का मूल निवासी दिखाया गया था। एसएसपी ने कहा कि दोनों को भारतीय न्याय संहिता, विदेशी अधिनियम 1946 और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम 1920 के तहत हिरासत में लिया गया है।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एक्शन में सरकार
भारत सरकार पिछले एक साल से लगातार अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इन लोगों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जा रहा है। अभिनेता सैफ अली खान के घर में घुसकर चाकू से जानलेवा हमला करने वाला व्यक्ति भी बांग्लादेशी नागरिक ही था, जो अवैध तरीके से भारत में रह रहा था। बांग्लादेश के कई नागरिक अवैध कामों में संलिप्त हैं। इसी वजह से अवैध नागरिकों के खिलाफ भारत सरकार कठोर कार्रवाई कर रही है। (इनपुट- पीटीआई भाषा)