बेंगलुरु पुलिस ने शुक्रवार को एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ़्तार कर लिया। संदिग्ध का नाम आसफ़ूल मल्लिक (25) है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के नौपारा गांव का रहने वाला है और दिसंबर 2025 से जिगनी इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि उसने पाकिस्तानी सेना पर हमले की साज़िश रची थी और वह TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) का समर्थक था, जो एक प्रतिबंधित संगठन है।
पाकिस्तान की सेना से क्यों नाराज था आसफूल
पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय असाफुल मल्लिक को बेंगलुरु के जिगानी इलाके से संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और आतंकी समूहों के साथ कथित संबंधों के कारण हिरासत में लिया गया है। शुक्रवार देर रात जारी एक बयान के मुताबिक, पुलिस ने 11 अगस्त को बोम्मसंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया से संदिग्ध आतंकी आसफूल मल्लिक को गिरफ़्तार किया है। जांच से पता चला कि पाकिस्तान में मस्जिदों और लोगों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए कथित अत्याचारों को लेकर उसके मन में "गहरी नाराज़गी" थी। पुलिस का आरोप है कि फेसबुक के ज़रिए मलिक की पहचान इमरान अहिंदर नाम के एक अफ़ग़ान नागरिक से हुई थी।
क्या मिले सबूत
पुलिस ने बताया कि संगठन से जुड़ने के बाद, मलिक ने अफ़ग़ानिस्तान जाने के लिए पासपोर्ट बनवाने में अहिंदर की मदद ली और पाकिस्तानी सेना से बदला लेने की मंशा के साथ उसने वीज़ा के लिए आवेदन भी कर दिया, लेकिन आखिरी वक्त में उसे ये सब रद्द करना पड़ गया। पुलिस की रिलीज़ के मुताबिक, जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फ़ोन पर "पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ बदला लेने की साज़िश" से जुड़े सबूत और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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