दिल्ली के गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास डेढ़ करोड़ रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से करीब एक करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात में 'टॉय लाइटर पिस्तौल' का इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा कि आरोपियों ने लूट के बाद उत्तम नगर में किराए पर कमरा लेकर आपस में लूट की रकम भी बांटी थी।
फ्लाईओवर के पास नकदी से भरा बैग लूटा
मध्य रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने गुरुवार को इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए कहा कि नकदी संग्रह करने का काम करने वाले दो व्यक्ति सात सितंबर को एक ऑटो रिक्शा में दो बैग में करीब तीन करोड़ रुपये लेकर सफदरजंग की ओर जा रहे थे, तभी गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास तीन लोगों ने उन्हें पिस्तौल दिखा कर नकदी से भरा एक बैग लूट लिया जिसमें डेढ़ करोड़ रुपये थे।
सीसीटीवी की जांच कर आरोपियों की तलाश
उन्होंने बताया कि वारदात की जानकारी पुलिस को तत्काल नहीं दी गई बल्कि अगले दिन दी गई जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 12 सितंबर को पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार बस टर्मिनल से एक आरोपी सूरज पांडे को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ के आधार पर बाकी के चार आरोपियों को भी पकड़ लिया गया, जिनमें वारदात का कथित मास्टरमाइंड रिंकू और आदर्श तिवारी भी शामिल हैं। हालांकि, एक आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी रिंकू (27), दिल्ली के नजफगढ़ निवासी आदर्श तिवारी (22), राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी दीपक गोस्वामी (25), हरियाणा के फरीदाबाद निवासी सूरज पांडे और संदीप उर्फ सैंडी (21) के तौर पर हुई है।
आरोपियों के पास से एक करोड़ रुपये बरामद
आरोपियों के कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। वर्मा ने बताया कि रिंकू को 13 सितंबर को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया। वह पहले करोल बाग में अकाउंटेंट का काम करता था, लेकिन नौकरी चले जाने के बाद उसने चांदनी चौक में नकदी के इधर-उधर भेजे जाने की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। गिरोह के 6 सदस्यों में से अब तक पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि एक आरोपी फरार है। रिंकू ने अपने दोस्तों को गिरोह में शामिल किया और लूट को अंजाम दिया।
उत्तम नगर में आपस में बांटी गई रकम
मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) रोहित राजवीर सिंह ने कहा कि आरोपियों ने उत्तम नगर में एक जगह किराये पर ली थी। वहीं लूटी गई रकम का बंटवारा किया गया था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले टोह ली थी कि चांदनी चौक से नकदी किस तरह और किन वाहनों से ले जाई जाती है। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने पीड़ित को निशाना बनाया। डीसीपी ने बताया कि लूटी गई रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। (भाषा के इनपुट के साथ)
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