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जानिए कहां अवैध रूप से रह रहे थे 121 बांग्लादेशी? पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई, अब भेजा जाएगा वापस

भारत में अवैध बांग्लादेशियों का मुद्दा काफी गंभीर हो गया है। अवैध बांग्लादेशी भारत के सभी राज्यों में हैं। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीम खास तरीके से काम कर रही है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली पुलिस ने भारत में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 121 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के माध्यम से उन्हें निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। 

5 भारतीयों से भी की गई पूछताछ

अधिकारी ने कहा कि अवैध प्रवासियों को एक सप्ताह में ही पकड़ लिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मामले में 5 भारतीयों से पूछताछ की गई। पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) निधिन वलसन ने बताया, 'देश में विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश और उन्हें ठहराने में कथित रूप से शामिल एक संदिग्ध गिरोह की जांच के लिए नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने में भी मामला दर्ज किया गया है।' 

831 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की हुई जांच

उन्होंने कहा कि मामले के संबंध में पांच भारतीयों से पूछताछ की गई है, जिनमें से एक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पिछले सप्ताह व्यापक सत्यापन अभियान चलाया, जिसके दौरान 831 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की गई। वलसन ने कहा, 'बिना वैध दस्तावेजों के देश में रह रहे 121 व्यक्ति पाए गए।' 

पुलिस ने दर्ज किया केस

अधिकारी ने कहा कि अवैध प्रवेश और अप्रवासियों के निवास को सुगम बनाने के लिए जिम्मेदार गिरोह की जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 (अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए दंड आदि) और 14सी (उकसाने के लिए दंड) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

पुलिस ने शुरू की जालसाजी की जांच

एक विशेष जांच दल (SIT) मामले की जांच कर रहा है। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इसमें शामिल पांच भारतीय अवैध रूप से रह रहे लोगों को संपत्ति किराए पर दे रहे थे। आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बिजली मीटर कनेक्शन सहित सरकारी दस्तावेजों की कथित जालसाजी की भी जांच कर रही हैं। इन दस्तावेजों का कथित तौर पर इस्तेमाल इन अप्रवासियों को स्थानीय पहचान दिलाने के लिए किया गया था। 

सरकारी अधिकारियों पर भी की जाएगी कानूनी कार्रवाई

अधिकारी ने कहा कि संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अगर इन जाली दस्तावेजों को बनाने में कोई संलिप्त पाया जाता है तो सरकारी अधिकारियों समेत सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है। (भाषा के इनपुट के साथ)