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दिल्ली में इस साल के अंत तक सड़क से हटाई जाएंगी 692 CNG बसें, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह?

दिल्ली में इस समय कुल 2442 सीएनजी बसों का परिचालन हो रहा है, इसमें 692 डीटीसी बसें और 1750 क्लस्टर बसें शामिल हैं। इस साल के अंत तक बड़ी संख्या में सीएनजी बसों को हटाने का आदेश दे दिया गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने पूर्वी दिल्ली में बस मार्गों को तर्कसंगत बनाने की प्रायोगिक परियोजना को पूरा कर लिया है। अब इसके तहत 692 सीएनजी बसों को क्रमवार तरीके से इस साल के अंत तक सड़कों से हटाया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 

प्रत्येक मार्ग पर कम से कम एक बस का होगा संचालन

उन्होंने बताया कि मार्गों को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी, लेकिन किसी भी 12-मीटर बस मार्ग को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम बस बेड़े की उपलब्धता के बावजूद, प्रत्येक मार्ग पर कम से कम एक बस संचालित की जाएगी। 

121 मार्गों का संयुक्त रूप से पुनर्गठन

अधिकारी ने कहा, 'भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली नौ मीटर लंबी बसों के मार्गों के तर्कसंगत बनाने का कार्य कर रहा है, जबकि डीटीसी और कलस्टर बसों का संचालन करने वाली दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (DIMTS) ने 12 मीटर लंबी बसों के 121 मार्गों का संयुक्त रूप से पुनर्गठन किया है। यह कार्य पूर्वी दिल्ली के लिए किया गया।’ 

12 मार्ग पर क्लस्टर बसों का परिचालन

उन्होंने कहा कि कुल 121 मार्गों में से 100 ऐसे थे, जिन पर केवल डीटीसी की बसें संचालित की जाती हैं, जबकि 12 मार्ग पर क्लस्टर बसों का परिचालन होता है। वहीं नौ मार्ग ऐसे भी थे, जिन पर डीटीसी और क्लस्टर बस दोनों सेवा देते हैं। 

दिल्ली में कुल  2,442 सीएनजी बसें 

इस समय कुल 2,442 सीएनजी बसों (692 डीटीसी, 1,750 क्लस्टर) का परिचालन हो रहा है, जिनमें 692 डीटीसी सीएनजी बसें अपनी परिचालन अवधि समाप्त कर चुकी हैं। इसलिए वे 2025 के अंत तक सड़क से हटा दी जाएंगी और 1,750 सीएनजी क्लस्टर बसें भी इसी कारण से 2030-31 तक हटाई जाएंगी। 

लगातार यात्री सेवाएं सुनिश्चित करने में बड़ी चुनौतियां

अधिकारी ने कहा कि डीटीसी और डीआईएमटीएस की बस बेड़े की संख्या धीरे-धीरे घट रही है, क्योंकि 15 साल पुरानी सीएनजी लो-फ्लोर बसों को वैधानिक नियमों के अनुपालन में क्रमिक रूप से हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बसों की घटती संख्या ने मौजूदा निर्धारित परिचालन और सभी मौजूदा मार्गों पर लगातार यात्री सेवाएं सुनिश्चित करने में बड़ी चुनौतियां पैदा कर दी।

 कम व्यस्त घंटों में कम बसें 

मार्गों के युक्तिसंगत बनाने का उद्देश्य मांग, सवारी संख्या और मार्ग की महत्ता के आधार पर बस बेड़े का इष्टतम पुनर्वितरण और उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि एकीकृत समय-सारणी तैयार करते समय, अधिक सेवाएं सुनिश्चित करने और यात्रियों के प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए व्यस्ततम घंटों में अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी, जबकि कम व्यस्त घंटों में कम बसें रखी गई हैं। 

जानिए इस साल कितने लाख यात्रियों ने की यात्रा

अधिकारी ने बताया कि सेवा अवधि पूरी कर चुकी सीएनजी बसों को हटाने के कारण कुछ मुख्य मार्गों पर सेवा प्रभावित होने से बचाने के लिए वर्तमान में संचालित की जा रही ‘देवी’ (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों के 50 प्रतिशत बेड़े का इस्तेमाल चयनित 12 मीटर मार्गों पर उपयोग किया जा सकता है। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से जून के बीच डीटीसी और क्लस्टर बसों में रोजाना औसत 14.25 लाख पुरुषों और 14.79 लाख महिलाओं ने यात्रा की। (भाषा के इनपुट के साथ)