नई दिल्ली: कारगिल विजय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री म्यूजियम में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के AI होलोबॉक्स का उद्घाटन किया गया। इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा और अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार के सदस्य रंजन भट्टाचार्य ने इस AI होलोबॉक्स का उद्घाटन किया। इस नई तकनीक के जरिए प्रधानमंत्री म्यूजियम में आने वाले विजिटर्स पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, उनके नेतृत्व और उनकी विरासत के बारे में जान सकेंगे।
AI होलोबॉक्स के माध्यम से विजिटर्स हो सकेंगे रूबरू
AI होलोबॉक्स के माध्यम से विजिटर्स अटल बिहारी वाजपेयी की AI इमेज से उनके जीवन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। इसका उद्देश्य लोगों को देश के पूर्व प्रधानमंत्री के विचारों और योगदान से आधुनिक तकनीक के जरिए परिचित कराना है।
Image Source : Reporter Inputपीएम म्यूजियम में अटल बिहारी वाजपेयी के AI होलोबॉक्स के उद्घाटन के अवसर पर रजत शर्मा, रंजन भट्टाचार्य और अन्य गणमान्य लोग
अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में लड़ा गया था कारगिल युद्ध
दरअसल, वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में लड़ा गया था। ऐसे में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर AI होलोबॉक्स की शुरुआत को खास महत्व दिया गया है। प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्देश्य देश के सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन, नेतृत्व और राष्ट्र के लिए उनके योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाना है।
क्यों खास है पीएम म्यूजियम?
दरअसल, प्रधानमंत्री म्यूजियम आजादी के बाद से भारत के प्रत्येक प्रधानमंत्री को एक श्रद्धांजलि हैं। इन प्रधानमंत्रियों ने देश के विकास में किस प्रकार का योगदान दिया उसका वर्णनात्मक अभिलेख इस म्यूजियम में उपलब्ध है। यह म्यूजियम हमें यह भी बताता है कि कैसे हमारे प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए देश का मार्गदर्शन किया। प्रसार भारती, दूरदर्शन, फिल्म डिवीजन, देश विदेश के मीडिया हाउस, समाचार एजेंसियों आदि संस्थानों के स्रोतों से प्राप्त जानकारी का संग्रह भी यहां मिल जाता है।
Image Source : Reporter Indiatvपीएम म्यूजियम में अटल बिहारी वाजपेयी के AI होलोबॉक्स के उद्घाटन के अवसर पर रजत शर्मा, रंजन भट्टाचार्य और अन्य गणमान्य लोग
निजी अभिलेख, संकलित रचनाएं, साहित्यिक सामग्री, पत्राचार के अतिरिक्त कुछ व्यक्तिगत वस्तुएं, उपहार एवं स्मृति चिह्न तथा प्रधानमंत्रियों के भाषण भी यहां उपलब्ध हैं जो उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं।