दिल्ली में तमाम सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन आवंटन से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान कर दिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी. एस. संधू की पहल और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देशों के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है। इसके कारण दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवहन, पर्यावरण और जल आपूर्ति से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है।
पुलिस थानों और आईबी के स्टेशन के लिए जमीन आवंटित
जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सागरपुर, दिलकुशा बाग, सुयूरपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थाने बनाए जाएंगे। साथ ही, नरेला में अत्याधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जाएगी, जबकि ताहिरपुर और धीरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो के नए स्टेशन बनाए जाएंगे। कोर्ट के कर्मचारियों के लिए शाहदरा और रोहिणी में आवासीय सुविधाएं विकसित करने के खातिर भी जमीन आवंटित की गई है।
मेट्रो डिपो और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने का रास्ता भी साफ
शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में डीएमआरसी को सनौठ में 20 हेक्टेयर जमीन मेट्रो डिपो और नरेला में 16 हेक्टेयर जमीन कास्टिंग यार्ड के लिए दी गई है। इसके अलावा, एमसीडी को 24 फिक्स्ड कंपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन के लिए भूमि आवंटित की गई है। दिल्ली जल बोर्ड को 8 जगहों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए जमीन दी गई है।
द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में बनाया जाएगा सामुदायिक भवन
वहीं, 151 नए बोरवेल की भी मंजूरी दी गई है, जिससे दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत की जा सकेगी। साथ ही, जौंटी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और संगम विहार में भूमिगत जल टैंक के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है। कई अहम फैसले समुदाय कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लिए गए हैं। द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के लिए सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 112 NOC जारी
साथ ही, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 112 और अटल कैंटीन के लिए 5 NOC जारी की गई हैं। वहीं, होलंबी कलां में 8.5 हेक्टेयर जमीन ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क के लिए और गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी व बायो-मीथेनाइजेशन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही नरेला एजुकेशन हब में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को भी जमीन आवंटित की गई है।
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