नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सोमवार को विपक्षी इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक्शन लिया है। दिल्ली पुलिस ने विभिन्न थानों में कई एफआई दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये मामले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन और अन्य धाराओं में दर्ज किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, मंदिर मार्ग और बाराखंभा थानों में मामले दर्ज किए हैं। इनमें दो FIR तिलक मार्ग थाने में, जबकि एक-एक FIR मंदिर मार्ग और बाराखंभा थाने में दर्ज होने की जानकारी मिली है। वहीं कनॉट प्लेस में भी धारा 163 के उल्लंघन को लेकर FIR दर्ज की गई है।
बाराखंभा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
सोमवार को, राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया, जिसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने वोटर लिस्ट के SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नौ अन्य INDIA ब्लॉक नेताओं की रिट पिटीशन में 14 कमियों को मार्क किया है। इन कमियों में इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) द्वारा इलेक्टोरल रोल के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहलुओं को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता में इन नेताओं के नाम
पिटीशनर्स में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस (TMC) MP सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल लीडर तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) MP संजय राउत, CPI(M) MP एमए बेबी, CPI लीडर डी राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा MP महुआ माझी, NCP (SCP) MP सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग MP ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं। खास बात यह है कि रजिस्ट्री ने पिटीशनर्स से यह भी क्लैरिफिकेशन मांगा है कि प्राइवेट पार्टियों – CEC ज्ञानेश कुमार और दो EC SS संधू और विवेक जोशी को रिट पिटीशन में रेस्पोंडेंट क्यों बनाया गया है। यह आपत्ति संविधान के आर्टिकल 32 के तहत दायर की जा रही याचिका के संदर्भ में उठाई गई है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि वे SIR के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं और उन्होंने दूसरी राहतों के साथ-साथ, चुनाव आयोग द्वारा इलेक्टोरल-रोल रिवीजन से जुड़े फैसले लेने और उन्हें लागू करने के तरीके की जांच की मांग की है। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों को अपने घर पर हाई टी के लिए बुलाया है।
विपक्षी नेताओं को धन्यवाद
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान समर्थन के लिए राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद दिया और कसम खाई कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, "हमें सरकार को दिखाना था कि भारत के लोग डरने वाले नहीं हैं। आप हमें मार नहीं सकते, धमका नहीं सकते, डरा नहीं सकते। हम धमकाए जाने को स्वीकार नहीं करेंगे। जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, कोई पैरेलल प्रोटेस्ट नहीं हैं। यह एक प्रोटेस्ट है, और यह एक ऐसा प्रोटेस्ट है जिसमें हर कोई एक साथ खड़ा है। हर एक व्यक्ति हमारे संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र के इन हत्यारों के खिलाफ खड़ा होगा। और हम पीछे नहीं हटेंगे।"
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