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Delhi Water Crisis: प्रचंड गर्मी में दिल्ली पर 'जल संकट' की आफत! वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी घटी, वजीराबाद प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई जा रही नहर

Water Crisis In Delhi: बढ़ती गर्मी और भीषण लू से लोग परेशान हैं। इस बीच, दिल्ली में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। जानें किन इलाकों में पानी को लेकर सबसे ज्यादा समस्या है।

delhi water crisis- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV दिल्ली में पारा चढ़ने के बीच पानी की किल्लत बढ़ गई है।

Delhi Water Problem: दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। दरअसल, राजधानी में पानी की सप्लाई में 20 प्रतिशत तक कमी आ गई है, दो वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगभग ठप हो चुके हैं। वजीरपुर और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगभग बंद हो चुके हैं, जिससे दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जल संकट दिख रहा है। किल्लत दूर करने के लिए वॉटर टैंकर भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। कई जगहों पर पानी के लिए लोग एक-दूसरे से लड़ते-झगड़ते भी दिखाई दिए।

भीषण गर्मी के बीच पानी संकट से परेशान लोग

दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जा रहा है। कुछ इलाकों में तो पारा 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास भी दर्ज किया गया है। लू चल रही है। इस संकट के बीच पानी की कमी लोगों पर डबल अटैक कर रही है। कहीं पानी आ भी रहा है तो गंदा है। कई इलाकों में तो पिछले एक हफ्ते से पानी नहीं आ रहा है।

इन इलाकों में हो रही पानी की सबसे ज्यादा किल्लत

ऐसे में दिल्ली के लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। टैंकर आता है तो चंद मिनटों में खाली हो जाता है, लोग पानी के लिए तरसते रह जाते हैं। दिल्ली के किन इलाकों में सबसे ज्यादा जलसंकट है। आपको ये बताते हैं। ये संकट सबसे ज्यादा मॉडल टाउन, मुखर्जी नगर, नबी करीम, मोतिया खान, मलका गंज, बलजीत नगर, आनंद पर्वत, राजेंद्र नगर, चावड़ी बाजार, बीआर कैंप, संजय गांधी कैंप और इंद्रपुरी है।

भीषण गर्मी की वजह से सूखी यमुना नदी

वजीराबाद बैराज के पास यमुना नदी पूरी तरह से सूखी है। एक छोटी सी धारा बह रही है। चारों तरफ रेत नजर आ रही है। इसी के साथ में बना हुआ वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है। उसके आसपास बिल्कुल भी पानी नहीं है।

क्यों पूरी क्षमता पर नहीं चल रहा वजीराबाद प्लांट?

यमुना नदी के सूखने की वजह से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लान अपनी क्षमता से कम यानी सिर्फ 70 प्रतिशत पानी ट्रीट कर पा रहा है। इन दोनों प्लान की क्षमता तकरीबन 225 MGD है। ये दोनों प्लांट सही से अपनी पूरी क्षमता से काम कर पाए, इसके लिए जरूरी है कि वजीराबाद पॉन्ड में पानी का स्तर 674 फीट हो, जो 3 दिन पहले 668 फीट पहुंच गया था। आज तो प्लांट के आसपास बिल्कुल भी पानी नहीं है। इस प्लान से 300 मीटर दूर जो थोड़ा बहुत पानी है। उसको प्लांट तक पहुंचाने के लिए एक नहर बना रहे हैं।

प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई जा रही नहर

फिलहाल, इन दोनों प्लांट में हैदरपुर वाटर प्लांट में मुनक नहर का पानी पहुंचाया जा रहा है, जिसकी वजह से ये प्लांट्स 70 प्रतिशत क्षमता से चल पा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार कैसे एक-एक बूंद पानी बचाने की कोशिश कर रही है वो वजीराबाद में दिख रहा है। इस पॉन्ड में जो थोड़ा बहुत पानी बचा हुआ है, उसके सदुपयोग के लिए, उस पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लान तक पहुंचाने के लिए नहर बना रहे हैं।

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम हुआ प्रभावित

दिल्ली जल बोर्ड भीषण गर्मी के दौरान शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि 2.5 करोड़ की आबादी को इस भीषण गर्मी में पानी मिल सके। वजीराबाद तालाब में पानी कम होने से वजीराबाद और चंद्रावल जैसे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कामकाज प्रभावित हुआ है। दोनों जल उपचार संयंत्र 75-80 फीसदी क्षमता पर चल रहे हैं, जिसके कारण इनके कमांड क्षेत्रों में पानी की कमी हो रही है।

हादरपुर नहर से वजीराबाद की तरफ मोड़ा गया पानी

इस कमी को पूरा करने के लिए, कच्चे पानी को सीएलसी हादरपुर नहर से वजीराबाद इनटेक पॉइंट की ओर मोड़ा गया है ताकि इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को अधिकतम संभव क्षमता पर चलाया जा सके। अन्य प्लांट्स 10 प्रतिशत से कम क्षमता पर चल रहे हैं और नतीजतन हादरपुर, बवाना, नांगलोई और द्वारका वावर ट्रीटमेंट प्लांट के कमांड क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति मामूली रूप से कम हो रही है।

इसके अलावा, गंगा बेसिन/नहर प्रणाली पर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से चल रहे हैं, जैसे- सोनिया विहार और भागीरथी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सामान्य रूप से चल रहे हैं। ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी सामान्य रूप से और पूरी क्षमता से चल रहा है। शहर में जल आपूर्ति में सुधार के लिए नहर में अतिरिक्त पानी छोड़ने की अपील भी एचआईडी के अधिकारियों से की गई है।