नई दिल्ली: दिल्ली-NCR समेत यूपी के कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चमोली, उत्तराखंड में रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। भूकंप के झटके मेरठ, मुरादाबाद और उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में भी महसूस किए गए हैं।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, आज रात 10:23:13 बजे उत्तराखंड के चमोली में 13 किलोमीटर की गहराई पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया।
घर से बाहर निकले लोग
दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में लोगों ने भूकंप के झटकों को महसूस किया। दिल्ली-एनसीआर में तो लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और एक-दूसरे को फोन करके कंफर्म करने लगे कि क्या भूकंप आया है?
हालांकि खबर लिखे जाने तक भूकंप की वजह से किसी तरह के नुकसान की बात सामने नहीं आई है। दिल्ली-एनसीआर में भी किसी तरह के जान-माल की हानि की बात नहीं सुनी गई है।
भूकंप की तीव्रता और उसके अनुभव का अंदाजा कैसे लगा सकते हैं?
- 0 से 1.9 की तीव्रता- सीज्मोग्राफ से इस बारे में पता लगता है, महसूस नहीं होता।
- 2 से 2.9 की तीव्रता- इसमें कंपन कम होता है तो कम ही पता चलता है।
- 3 से 3.9 की तीव्रता- इसमें थोड़ा पता लगता है और ऐसा लगेगा कि कोई भारी वाहन पास से गुजरा।
- 4 से 4.9 की तीव्रता- इस दौरान सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है।
- 5 से 5.9 की तीव्रता- इसमें भारी सामान और फर्नीचर भी हिलता हुआ दिखाई दे सकता है।
- 6 से 6.9 की तीव्रता- ये तेज भूकंप है और इससे बिल्डिंग का बेस दरक सकता है।
- 7 से 7.9 की तीव्रता- ये विनाशकारी साबित हो सकता है और इसमें बिल्डिंग गिर सकती है।
- 8 से 8.9 की तीव्रता- इस भूकंप में सुनामी का खतरा होता है और तबाही ज्यादा मचती है।
- 9 या ज्यादा की तीव्रता-इसमें तबाही सबसे ज्यादा होती है और धरती का कंपन भी सबसे ज्यादा महसूस हो सकता है।
गौरतलब है कि जानकार मानते हैं कि जब भी भूकंप आए तो किसी भारी चीज को पकड़कर बैठ जाएं या फिर बाहर की तरफ निकलें। ऐसा करने से आप खुद को भूकंप से प्रभावित होने से बचा सकते हैं।
इससे पहले भूकंप के तेज झटकों से इंडोनेशिया की धरती हिली थी और रिक्टर स्केल पर 5.2 की तीव्रता नापी गई थी।
ये भी पढ़ें-
असम के नगांव में लगे भूकंप के झटके, 4.5 नापी गई तीव्रता, 33 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र