नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग के मालिक हरिराम को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह बिल्डिंग गिरने के बाद से ही गायब था और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब हरिराम को कोर्ट में पेश करेगी।
हरिराम को भिवाड़ी से पकड़कर दिल्ली ला रही पुलिस
दिल्ली पुलिस आरोपी हरिराम को भिवाड़ी से दिल्ली ला रही है। दिल्ली में हरिराम का मेडिकल करवाया जाएगा। उसके बाद हरिराम को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। दिल्ली पुलिस हरिराम की कस्टडी की मांग करेगी। दरअसल पुलिस जानना चाहती है कि हादसे के बाद हरिराम क्यों भागा? क्या हरिराम गुप्ता ने कोई सबूत मिटाने की कोशिश थी? FIR दर्ज होने के बाद जब दिल्ली पुलिस हरिराम के घर पहुंची तो वो वहां से भाग गया था।
वहीं देर शाम हरिराम के बाद उसका बेटा महेश और हरिराम की पत्नी उर्मिला को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तीनों की गिरफ्तारी हो गई है। जानकारी के मुताबिक हरिराम और उसके बेटे महेश के नाम बिजली का कनेक्शन था, जबकि प्रॉपर्टी ऑन पेपर हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम थी।
हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने बनाई थीं 10 अलग-अलग टीमें
दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग अलग टीमें बनाई थीं। इन 10 टीमों में जिले की लोकल पुलिस और स्पेशल स्टॉफ के अलावा जिले के अलग-अलग ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल थे। इन सभी टीमों को जिले के एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी लीड कर रहे थे। हरिराम को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी में भी छापेमारी की थी।
दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए गुरुग्राम समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी लेकिन हरिराम अपने घर पर भी नहीं मिला था। वह अपने घर से फरार था। पुलिस को शक था हरिराम दिल्ली NCR में ही कहीं छुपा हुआ है। हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने उसके करीबियों और रिश्तेदारों के यहां भी रेड की लेकिन वह वहां नहीं मिला। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा।
हरिराम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी हुआ था
दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था।
बिल्डिंग को लेकर MCD के कमिश्नर संजीव खिरवार ने क्या बताया?
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा, "1970 के दशक की इस इमारत को कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसे कभी सील किया गया। इस इमारत के बारे में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी।"
दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा, "दुर्भाग्य से इस घटना में 7 लोगों की जान चली गई। इस इमारत के बगल वाली इमारत कमजोर हो गई है, उसे रात भर में मजबूत किया गया है। अगले 1-2 दिनों में हम उसे योजनाबद्ध तरीके से ध्वस्त करेंगे।"
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल हुई है।
बता दें कि दिल्ली में हजारों की वसूली के बदले मौत मिल रही है। दिल्ली के पीजी की इनसाइड स्टोरी में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
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