A
Hindi News दिल्ली दिल्ली में 2011 के बाद फिर बड़ा धमाका, मृतकों का आंकड़ा 11 पहुंचा, जानें धमाकों से कब-कब दहली देश की राजधानी

दिल्ली में 2011 के बाद फिर बड़ा धमाका, मृतकों का आंकड़ा 11 पहुंचा, जानें धमाकों से कब-कब दहली देश की राजधानी

दिल्ली में 2011 के बाद फिर बढ़ा धमाका हुआ है। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। ऐसे में मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

red Fort blast- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT लाल किले के पास धमाका

देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ है। इस घटना में मृतकों का आंकड़ा 11 पहुंच चुका है। वहीं, घायलों की संख्या 30 के करीब बताई जा रही है। यह धमाका पार्किंग में खड़ी कार में हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां भी पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं। घटना के वीडियो हादसे की गंभीरता बयां करते हैं। दिल्ली में 2011 के बाद से यह पहला बड़ा धमाका है। हालांकि, अब तक यह सामने नहीं आया है कि धमाका कैसे हुआ। शुरुआत में कहा गया था कि सीएनजी कार में आग लगी है, लेकिन धमाके की विभत्सता देखने के बाद कई तरह की आशंकाएं जाहिर की जा रही हैं। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब दिल्ली धमाकों से दहली है। इससे पहले भी दिल्ली में कई जानलेवा धमाके हो चुके हैं। यहां हम ऐसी ही घटनाओं के बारे में बता रहे हैं।

भारत की राजधानी होने के कारण दिल्ली कई बार आतंकी हमलों और बम धमाकों का शिकार बनी है। इन घटनाओं ने न केवल शहर को दहला दिया, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। यहां हम 1997 के बाद से दिल्ली में हुए बड़े धमाकों के बारे में बता रहे हैं।

दिल्ली में हुए धमाकों की लिस्ट

तारीख जगह मृतक घायल विवरण
9 जनवरी 1997
आईटीओ (दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने)
0
50
एक बम विस्फोट से 50 लोग घायल।
1 अक्टूबर 1997
सदर बाजार (जुलूस के पास)
0
30
दो बम विस्फोटों से 30 घायल।
10 अक्टूबर 1997
शांतिवन, कौरिया पुल, किंग्सवे कैंप
1
16
तीन बम धमाकों से एक मृत और 16 घायल।
18 अक्टूबर 1997
रानी बाग बाजार
1
23
जुड़वां बम विस्फोटों से एक मृत।
26 अक्टूबर 1997
करोल बाग बाजार
1
34
जुड़वां बम विस्फोटों से एक मृत।
30 नवंबर 1997
लाल किले क्षेत्र
3
70
जुड़वां विस्फोटों से भारी तबाही।
3 जून 1999
चांदनी चौक
0
27
बम धमाके से 27 घायल।
16 अप्रैल 1999
होलंबी कलां रेलवे स्टेशन
2
-
दो मृतक।
6 जनवरी 2000
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन
0
20
ट्रेन में विस्फोट से 20 घायल।
27 फरवरी 2000
पहाड़गंज
0
8
बाजार में विस्फोट।
16 मार्च 2000
सदर बाजार
0
7
भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाका।
18 जून 2000
लाल किला के पास
2
12
दो शक्तिशाली विस्फोट, जिसमें एक 8 वर्षीय बच्ची की मौत।
9 मई 2001
आर्मी मुख्यालय, दालहौजी रोड
0
1
दो विस्फोटों से एक घायल।
20 मई 2001
सीजीओ कॉम्प्लेक्स
0
0
कोई हताहत नहीं।
11 अगस्त 2001
साउथ एक्सटेंशन
0
2
दो घायल।
13 दिसंबर 2001
संसद भवन पर हमला
12
-
सशस्त्र हमलावरों ने संसद पर कब्जा करने की कोशिश की।
22 मई 2005
लिबर्टी और सत्यं सिनेमा हॉल
1
60
दो सिनेमा हॉलों में सीरियल ब्लास्ट।
29 अक्टूबर 2005
सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी (बस में)
62
210
धनतेरस के दिन तीन बाजारों और बस में विस्फोट; लश्कर-ए-तैयबा ने जिम्मेदारी ली।
14 अप्रैल 2006
जामा मस्जिद
0
14
दो विस्फोटों से 14 घायल।
13 सितंबर 2008
करोल बाग (गफ्फार मार्केट), कनॉट प्लेस, ग्रेटर कैलाश-1
30
100+
पांच सीरियल ब्लास्ट 45 मिनट में; इंडियन मुजाहिदीन ने ईमेल के जरिए चेतावनी दी। चार बम डिफ्यूज भी किए गए।
7 सितंबर 2011
दिल्ली हाईकोर्ट
9
50
कोर्ट गेट के बाहर विस्फोट।
10 नवंबर 2025 लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 11 30 पार्किंग में खड़ी कार में धमाका

आतंकी हमले से जुड़े थे अधिकतम धमाके

दिल्ली में हुए अधिकतर धमाके आतंकी घटनाओं से जुडे़ थे। इनमें इंडियन मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठन शामिल थे। इन हमलों ने दिल्ली की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए, जैसे सीसीटीवी बढ़ाना और खुफिया तंत्र को सशक्त बनाना। इस वजह से पिछले एक दशक में कोई बढ़ा धमाका नहीं हुआ था। हालांकि, अब दोबारा ऐसी घटना हुआ है, लेकिन धमाके की वजह साफ नहीं है।

यह भी पढ़ें-

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में ब्लास्ट, 8 लोगों की मौत

लाल किले के पास हुए धमाके से दहली दिल्ली, 8 की मौत, फोटो और VIDEO देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे