नई दिल्ली क्षेत्र में 10000 पुलिसकर्मी तैनात, 3000 CCTV कैमरे, गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
गणतंत्र दिवस को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। 3000 सीसीटीवी कैमरे के साथ AI आधारित स्मार्ट चश्मे से भी निगरानी की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। दिल्ली के कई इलाकों को किले में तब्दील कर दिया गया है। नई दिल्ली क्षेत्र में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आर्टिफीशिएल इंटेलीजेंस (AI) आधारित स्मार्ट चश्मे, सीसीटीवी कैमरों सहित उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों का सहारा लिया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं।
जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) देवेश कुमार महाला ने कहा, 'राष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।' उन्होंने कहा, 'सुरक्षा के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। जांच चौकियां, बैरिकेड और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू हैं। तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों के बारे में सभी कर्मचारियों को समझाया गया है और पूर्वाभ्यास भी किए गए हैं।'
30 से अधिक नियंत्रण कक्ष बनाए गए
उन्नत निगरानी तंत्र के तहत परेड मार्ग और आसपास के हिस्सों सहित पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में ‘वीडियो एनालिटिक्स’ और ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) जैसी प्रोद्योगिकियों से लैस 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लगभग 150 कर्मियों वाले 30 से अधिक नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे इन कैमरों से मिलने वाले ‘लाइव फीड’ की निगरानी करेंगे।
वीडियो एनालिटिक्स से लैस AI चश्मे
महाला के अनुसार, क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को एफआरएस और ‘वीडियो एनालिटिक्स’ से लैस एआई चश्मे भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'भारत में निर्मित ये उपकरण पुलिस डेटाबेस में अपराधियों, संदिग्धों और घोषित अपराधियों के बारे में उपलब्ध डेटा वास्तविक समय में उपलब्ध कराएंगे, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनकी तुरंत पहचान संभव हो पाएगी। अगर किसी का चेहरा हमारे डेटाबेस से मेल खाता है, तो हम उसे तुरंत पहचान लेंगे।'
प्रवेश बिंदुओं पर कई स्तरों की जांच एवं तलाशी
सुरक्षा व्यवस्था में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और प्रवेश बिंदुओं पर कई स्तरों की जांच एवं तलाशी शामिल है। रणनीतिक स्थानों पर एफआरएस तकनीक से लैस मोबाइल निगरानी वाहन भी तैनात किए जाएंगे। इलाके में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली, उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली जिलों में हजारों छतों की पहचान निगरानी के लिए की गई है।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई
पुलिस उपायुक्तों ने मार्ग सर्वेक्षण और तोड़फोड़ रोधी जांच पूरी कर ली है, जबकि बाजारों, बस टर्मिनल और रेलवे स्टेशन जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पूरे शहर में किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन सहित अन्य निवारक उपाय किए जा रहे हैं। जनता से सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।