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छात्रा आत्महत्या: पीड़िता ने अपने आखिरी समय में 45 मिनट में 5 बार क्लास टीचर से मांगी थी मदद, स्कूल के खिलाफ नोटिस जारी

कक्षा 4 के छात्रा की आत्महत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई की दो सदस्यीय समिति ने अगले दिन स्कूल का मुआयना किया था। सीबीएसई के अधिकारियों ने बच्ची के अभिभावकों से बातचीत भी की थी।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

सीबीएसई की एक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जयपुर के एक स्कूल आत्महत्या करने वाली चौथी कक्षा की छात्रा को उसकी कक्षा में 18 महीने से ज्यादा समय तक ‘परेशान’ किया गया तथा सहपाठी उसके खिलाफ ‘बुरे शब्द’ इस्तेमाल करते थे, जबकि स्कूल अच्छा माहौल बनाए रखने में नाकाम रहा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

जारी किया गया नोटिस

बोर्ड ने इस महीने की शुरुआत में स्कूल की इमारत से कूदकर जान देने वाली नौ वर्षीय लड़की की मौत की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट मिलने पर यह नोटिस जारी किया। इस बीच, राजस्थान पुलिस ने कहा है कि घटना के ‘आपराधिक पक्ष’ की जांच जारी है। जांच समिति ने स्कूल की तरफ से कई कमियों की ओर इशारा किया, जिसमें लड़की को लगातार परेशान किए जाने की ओर ध्यान दिलाया गया, और बताया गया कि उसके माता-पिता ने सबसे पहले जुलाई 2024 में शिक्षकों के सामने यह मुद्दा उठाया था। 

 45 मिनट में पांच बार टीचर से मदद की अपील

समिति ने पाया कि क्लास टीचर ने बच्ची की दिक्कतों के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की, तब भी जब लड़की अपनी जिंदगी के आखिरी 45 मिनट में पांच बार टीचर के पास मदद मांगने गई। कक्षा चार की बच्ची ने एक नवंबर को स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 

टीम ने स्कूल का मुआयना किया

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई की दो सदस्यीय समिति ने अगले दिन स्कूल का मुआयना किया था और बच्ची के अभिभावकों से बातचीत की थी। बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस में कहा, ‘समिति को दिए गए माता-पिता के बयानों के मुताबिक, यह साफ है कि स्कूल ने सहपाठियों द्वारा परेशान किए जाने और चिढ़ाए जाने की बार-बार की शिकायतों पर कोई सक्रिय कार्रवाई नहीं की। कक्षा अध्यापक और स्कूल प्रबंधन को बच्ची को प्रताड़ित किए जाने के बारे में अच्छी तरह पता था।’ 

सहपाठी उसके लिए बुरे शब्दों का करते थे इस्तेमाल

बोर्ड ने कहा कि माता-पिता की कक्षा अध्यापक और स्कूल प्रबंधन से की गई बातचीत और संदेश को अनसुना कर दिया गया। नोटिस में कहा गया कि कक्षा अध्यापक ने अपने लिखित बयान में माना है कि मृतक छात्रा ने उन्हें बताया था कि उसके सहपाठी उसके लिए ‘बुरे शब्दों’ का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन दूसरे छात्रों ने आरोपों से इनकार किया। 

जानिए क्या बोली पुलिस की टीम

हालांकि, दूसरे बच्चों ने पहले भी शिक्षक से कक्षा में छात्रों के बीच लगातार ‘बुरे शब्दों’ के इस्तेमाल की शिकायत की थी। जयपुर के मानसरोवर इलाके में स्थित नीरजा मोदी स्कूल जयपुर के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक है। मानसरोवर थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। थानाधिकारी लखन खटाना ने शुक्रवार को कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस इस घटना के आपराधिक पक्ष की जांच कर रही है। अभी जांच जारी है।’ (भाषा के इनपुट के साथ)