Delhi New LG: दिल्ली को नया उपराज्यपाल मिल गया है। Rashtrapati Bhavan की तरफ से गुरुवार को की गई घोषणा के अनुसार, पूर्व राजदूत Taranjit Singh Sandhu दिल्ली के नए उपराज्यपाल होंगे। वह मौजूदा उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena की जगह पर नियुक्त हुए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल की इस नई नियुक्ति को प्रशासनिक और सियासी हलकों में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस खबर में दिल्ली के नए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के बारे में जानते हैं।
अमेरिका में भारतीय मिशन के लिए रहे तैनात
बता दें कि तरनजीत सिंह संधू भारतीय विदेश सेवा यानी IFS के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने लंबे डिप्लोमेटिक करियर में कई अहम पदों पर काम किया है। वह 2 बार अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय मिशन के लिए नियुक्त किए गए, जहां उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रीलंका में संभाली उच्चायुक्त की जिम्मेदारी
साथ ही, तरनजीत सिंह संधू Sri Lanka में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने जनवरी, 2017 से 2020 तक 3 साल इस पद पर रहकर जिम्मेदारी निभाई। संधू इससे पहले भी कोलंबो के हाई कमीशन ऑफ इंडिया में दिसंबर, 2000 से सितंबर 2004 तक पॉलिटिकल विंग के प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। श्रीलंका में उनके कार्यकाल के दौरान भारत-श्रीलंका के बीच स्ट्रैटेजिक और इकोनॉमिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई प्रयास हुए।
2024 में अमृतसर से लड़ा लोकसभा चुनाव
राजनयिक करियर के बाद तरनजीत सिंह संधू सक्रिय राजनीति में भी आए। उन्होंने साल 2024 में पंजाब की Amritsar लोकसभा सीट से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि इस इलेक्शन में उनकी हार हो गई।
दिल्ली के LG के रूप में अहम होगी भूमिका
अब दिल्ली के उपराज्यपाल के तौर पर तरनजीत सिंह संधू की नियुक्ति को उनके प्रशासनिक अनुभव की समझ के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में उनका महत्वपूर्ण रोल होगी। वह केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए बड़ा योगदान दे सकते हैं।
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