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कार में मिला युवक का शव, हाई कोर्ट ने FIR दर्ज नहीं करने पर दिल्ली और UP पुलिस को लगाई फटकार, जानिए पूरा मामला

युवक की जान दिसंबर 2024 में कार के अंदर चली गई थी। वह दिल्ली से नोएडा अपने कॉलेज गया था। तभी देर रात कार के अंदर युवक का शव मिला था। यूपी और दिल्ली पुलिस ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ते हुए इस मामले में लापरवाही बरती थी।

फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : फाइल फोटो सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को जमकर फटकार लगाई है। दोनों राज्यों की पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक व्यक्ति के नोएडा में मृत पाए जाने के बाद एक-दूसरे पर दोष मढ़ दिया और एफआईआर दर्ज नहीं की। 

कोर्ट ने इस मामले में गंभीर चिंता व्यक्त की

दिल्ली हाई कोर्ट के जज अनूप जयराम भंभानी ने मामले में घटनाक्रम पर ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की है। जहां दो अलग-अलग पुलिस बलों ने ‘यह तक नहीं सोचा कि महत्वपूर्ण फोरेंसिक और अन्य साक्ष्य अगर तुरंत एकत्र नहीं किए गए तो वे हमेशा के लिए गायब हो जाएंगे’। 

दोष मढ़ने की प्रवृत्ति का उदाहरण है ये मामला

हाई कोर्ट ने कहा कि उसे स्पष्ट रूप से महसूस हुआ कि वर्तमान मामला दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच दोष मढ़ने की प्रवृत्ति का उदाहरण है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत ‘शून्य प्राथमिकी’ दर्ज करने और एक सप्ताह के भीतर उसके द्वारा एकत्र की गई सभी सामग्री एवं साक्ष्य उत्तर प्रदेश पुलिस को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया। 

जानिए और क्या बोला कोर्ट?

साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपराध किसी विशेष थाना के अधिकार क्षेत्र में नहीं होता है, तो शून्य प्राथमिकी दर्ज करने के बाद उसे संबंधित थाने में स्थानांतरित करना होगा। जहां वास्तव में अपराध हुआ था। 

दिसंबर 2024 में युवक की गई थी जान

कोर्ट का फैसला पीड़िता की बहन की याचिका पर आया है, जिसने अपने 20 वर्षीय भाई हर्ष कुमार शर्मा की मौत की जांच की मांग की है। हर्ष शर्मा तीन दिसंबर, 2024 को नोएडा कॉलेज से अपने दिल्ली स्थित घर नहीं लौटा था। वह देर रात उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में किसी स्थान पर अपनी कार में मृत पाया गया था, जिसमें कथित तौर पर कार्बन मोनोऑक्साइड सिलेंडर था। 

कोर्ट ने इन धाराओं में केस दर्ज करने का दिया निर्देश

हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को शर्मा की मौत के संबंध में बीएनएस की धारा 103 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और ‘बिना किसी देरी या लापरवाही के’ जांच को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। (भाषा के इनपुट के साथ)