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सभी सरकारी स्कूलों और हेल्थ सेंटर्स को मिलेगा इंटरनेट, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी

आज संसद में देश की वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में कई ऐलान किए।

सभी सरकारी स्कूलों और हेल्थ सेंटर्स को मिलेगा इंटरनेट (सांकेतिक फोटो)- India TV Hindi
Image Source : PEXELS सभी सरकारी स्कूलों और हेल्थ सेंटर्स को मिलेगा इंटरनेट (सांकेतिक फोटो)

आज संसद में देश की वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में कई बड़ी घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सभी सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि युवा दिमाग में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए अगले पांच सालों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित किए जाएंगी। सरकार वैश्विक विशेषज्ञता के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय केंद्र स्थापित करेगी। इसके अलावा सरकार स्कूलों और उच्च शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का डिजिटल रूप उपलब्ध कराने के लिए भारतीय भाषा पुस्तिका योजना शुरू करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा, "युवा मस्तिष्कों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना पैदा करने तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी। सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।"

अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) मोदी सरकार की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति का निर्माण और उसे बढ़ावा देना है। 2015 के बजट भाषण में वित्त मंत्री की घोषणा के बाद नीति आयोग के तहत इस मिशन की स्थापना की गई। एआईएम का उद्देश्य स्कूल, विश्वविद्यालय, शोध संस्थानों, एमएसएमई और उद्योग स्तरों पर हस्तक्षेप के माध्यम से पूरे देश में नवाचार और उद्यमिता का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और उसे बढ़ावा देना है।

ज्ञान भारतम मिशन शुरू होगा

इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्त्ताओं के साथ हमारी पांडुलिपि धरोहर के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान के आदान प्रदान के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का एक राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह स्थापित किया जाएगा। 

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