गुवाहाटी में भारतीय प्रबंध संस्थान यानी IIM की स्थापना के लिए लोकसभा में विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 550 करोड़ रुपये के आर्थिक अनुदान की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में अभी 21 IIM संचालित हो रहे हैं। गुवाहाटी IIM के लिए भारत सरकार ने 550 करोड़ रुपये के आर्थिक अनुदान की व्यवस्था की है। वहीं, असम सरकार ने सभी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है।’’
'IIM विश्व में एक बड़ा ब्रांड बन गया है'
मंत्री ने कहा कि विधेयक के अधिनियम का रूप लेने से पूर्वोत्तर में शिलांग के बाद दूसरा IIM स्थापित हो सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘आईआईएम हमारे देश का विश्व में एक बड़ा ब्रांड बन गया है। आईआईएम की प्रतिष्ठा इतनी ज्यादा है कि विदेश में भी इसे खोले जाने की मांग हो रही है।’’
'आज एक नई ऊंचाई छू रहा IIM'
मंत्री ने कहा कि यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) सरकार IIM, अहमदाबाद का अपने ही खर्च से एक परिसर खोल रही है और अगले महीने इसका दुबई कैंपस खुलने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘आईआईएम आज एक नई ऊंचाई छू रहा है।’’
विधेयक बिना चर्चा के ध्वनि मत से हुआ पारित
पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि यदि वे पूर्वोत्तर का विकास देखना चाहते हैं तो इस विधेयक का समर्थन करें। इसके बाद, विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
भारत सरकार, असम सरकार और उल्फा के प्रतिनिधियों ने समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के कथन में कहा गया है कि भारत सरकार, असम सरकार और उल्फा (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम) के प्रतिनिधियों ने असम के सर्वांगीण विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अन्य परियोजनाओं के साथ गुवाहाटी में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में एक आईआईएम की स्थापना की जानी है।
इसमें कहा गया है कि वर्तमान विधेयक भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम, 2017 का संशोधन करने के लिए लाया गया है। इसके अनुसार, भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी को संस्थानों की लिस्ट में सम्मिलित करने के लिए अधिनियम की अनुसूची में संशोधन के माध्यम से एक नया संस्थान अर्थात भारतीय प्रबंधन संस्थान, गुवाहाटी बनाया जाएगा।
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