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​Boycott Turkey: जेएनयू, जामिया के बाद अब हैदराबाद की इस यूनिवर्सिटी ने भी लिया एक्शन, तोड़ा तुर्की यूनिवर्सिटी से अपना करार

हैदराबाद की यूनिवर्सिटी ने भी जामिया और जेएनयू के बाद तुर्की की यूनिवर्सिटी के साथ अपने सभी एकेडमिक एएमयू तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिए हैं।

Maulana Azad National Urdu University- India TV Hindi
Image Source : MANUU Maulana Azad National Urdu University

बीते दिन जेएनयू और आज जामिया ने पहले तुर्की यूनिवर्सिटीज के साथ अपने शैक्षणिक समझौते को तोड़ दिया है। इसके बाद अब तेलंगाना की एक यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की के खिलाफ एक्शन लेते हुए युनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ अपने करार को तोड़ दिया है। बता दें कि भारत-पाकिस्तान तनाव में तुर्की ने खुलेआम तुर्की का साथ दिया और अपने हथियार भी लड़ने के लिए दिए। हालांकि भारत ने उनके हथियारों को भी धूल चटा दी। इसके बाद से भारतीय जनता तुर्की के सामानों को बहिष्कार कर रही है।

कौन-सी यूनिवर्सिटी ने तोड़ा एएमयू?

जानकारी दे दें कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी ने ऐलान किया है कि वह तुर्की के युनुस एमरे इस्टिट्यूट के साथ अपने एकेडमिशन एएमयू को तत्काल प्रभाव के खत्म करती है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि तुर्की ने पाकिस्तान की ओर से आतंकी एक्टिविटी होने के बावजूद दोनों देशों के तनाव के दौरान पाकिस्तान का साथ दिया।

2 जनवरी को किया था करार

संस्थान ने बताया कि 2 जनवरी 2024 को MANUU ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ 5 साल की अवधि के लिए एक एएमयू पर साइन किए गए थे, जिसके तहत MANUU के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज, लिंग्विस्टिक्स एंड इंडोलॉजी में तुर्की लैंग्वेज में डिप्लोमा शुरू किया गया था। इसके लिए एक विजिटिंग प्रोफेसर की सेवाएं ली गई थीं। साथ ही यह भी बताया गया कि तुर्की से आए विजिटिंग प्रोफेसर पहले ही अपने देश लौट चुके हैं।

जामिया ने कही ये बात

इधर जामिया ने भी तुर्की के सभी यूनिवर्सिटीज से अपने सभी एकेडमिक समझौते बंद तोड़ दिए हैं। इसे लेकर जामिया कि चीफ पीआरओ साइमा सईद ने कहा जामिया ने फैसला लिया है कि जो भी MOU तुर्की के संस्थानों के साथ साइन किए थे हम फौरन उनको सस्पेंड करते हैं। ये फैसला हमने देशहित में लिया है। हमारे लिए देश सबसे पहले है। जो हालात इस समय है उसमे हमारे लिए देश से बढ़कर कुछ नहीं है।

पीआरओ ने बताया कि कुछ साल पहले जब तुर्कीए के राष्ट्रपति तय्यब रजब भारत दौरे पर आए थे, तब वो जामिया भी आए थे और कई MOU साइन किए थे।

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