नई दिल्ली: NEET UG 2026 के नतीजों में हरियाणा के पांशुल बंसल ने 99.99 पर्सेंटाइल के साथ पूरे भारत में दूसरी रैंक (AIR-2) हासिल की। पांशुल ने अपनी सफलता की तैयारी और रणनीति साझा करते हुए बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में NCERT किताबों, कॉन्सेप्ट क्लियर करने, लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट की अहम भूमिका रही। पांशुल ने बताया कि उन्होंने कक्षा 8 से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने Biology और Chemistry के लिए NCERT की किताबों को अच्छी तरह पढ़ा। इसके साथ ही उन्होंने अपने कोचिंग संस्थान की ओर से दिए गए स्टडी मटेरियल का भी इस्तेमाल किया।
पहले कॉन्सेप्ट क्लियर किए, फिर सवालों की प्रैक्टिस
पांशुल के मुताबिक, तैयारी के शुरुआती दौर में उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान कॉन्सेप्ट समझने पर दिया। जब कॉन्सेप्ट मजबूत हो गए तो उन्होंने सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट देना शुरू किया। उन्होंने अलग-अलग तरह के प्रतियोगी सवालों का अनुभव हासिल करने के लिए JEE के सवाल भी हल किए। उनका मानना है कि इससे कठिन और अलग पैटर्न वाले प्रश्नों को समझने में मदद मिली।
NEET से पहले रोज मॉक टेस्ट पर दिया जोर
परीक्षा के कुछ महीने पहले पांशुल ने लगभग हर दिन मॉक टेस्ट देने की कोशिश की। उनके अनुसार, मॉक टेस्ट से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कौन से अध्याय कमजोर हैं और परीक्षा के दौरान किस तरह की छोटी-छोटी गलतियां हो रही हैं। मॉक टेस्ट से टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा के दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता भी विकसित होती है। पांशुल ने कहा,
'मॉक टेस्ट से कमजोर अध्यायों, छोटी-छोटी गलतियों और समय प्रबंधन की कमियों की पहचान करने में मदद मिलती है। साथ ही इससे परीक्षा के माहौल के लिए भी तैयारी होती है। टेस्ट देने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका विश्लेषण करना है।'
NEET क्रैक करने के लिए पांशुल के 6 खास टिप्स
पांशुल ने NEET की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए छह महत्वपूर्ण तरीके बताए हैं। उनका कहना है कि तैयारी में सबसे जरूरी चीज निरंतरता है।
- हर विषय के लिए बनाएं अलग Error Notebook: जो सवाल गलत हो जाएं या जिनमें बार-बार गलती हो, उन्हें एक अलग कॉपी में लिखें। हर विषय के लिए अलग Error Notebook बनाएं और समय-समय पर उसमें लिखी गलतियों को दोहराएं।
- पढ़ते समय सोचें, सवाल कैसे बन सकता है: किसी अध्याय को पढ़ते समय सिर्फ उसे याद करने की कोशिश न करें। यह भी सोचें कि उस टॉपिक से किस तरह का सवाल परीक्षा में पूछा जा सकता है। इससे प्रश्नों को समझने और हल करने की क्षमता बेहतर होती है।
- किताब बंद करके खुद को टेस्ट करें: किसी चैप्टर को पढ़ने के बाद किताब बंद कर दें और बिना देखे डायग्राम, फॉर्मूले और जरूरी जानकारी याद करने की कोशिश करें। इससे पता चलता है कि वास्तव में कितना याद हुआ है।
- नया पढ़ने से ज्यादा रिवीजन को प्राथमिकता दें: हर चीज को पढ़ने और याद करने की कोशिश न करें। जो पढ़ चुके हैं, उसका बार-बार रिवीजन करें। पांशुल के मुताबिक, नया मटेरियल लगातार जोड़ने के बजाय पुराने टॉपिक्स को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है।
- मजबूत अध्यायों के बजाय कमजोर टॉपिक्स पर ध्यान दें: जिन अध्यायों में पहले से अच्छी पकड़ है, उन्हीं पर बार-बार समय लगाने के बजाय कमजोर चैप्टर को प्राथमिकता दें। इससे तैयारी में मौजूद कमियों को दूर किया जा सकता है।
- लेक्चर देखने से ज्यादा टेस्ट और उसका विश्लेषण करें: पांशुल ने छात्रों को सलाह दी कि वे सिर्फ लगातार लेक्चर देखने पर निर्भर न रहें। ज्यादा से ज्यादा टेस्ट दें और उनका ठीक से विश्लेषण करें। इससे गलतियों को पहचानने और परीक्षा की रणनीति सुधारने में मदद मिलती है।
पांशुल ने NEET उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी कि वे अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखें। बार-बार किताबें, रणनीति और शिक्षक बदलने से बचना चाहिए। इसके साथ ही स्पीड और एक्यूरेसी यानी तेजी और सही उत्तर देने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए और पढ़े हुए टॉपिक्स का नियमित रिवीजन करना चाहिए। पांशुल Allen Career Institute, Faridabad के छात्र रहे हैं।
AIR 1 आर्यन गुप्ता ने भी बताया सफलता का मंत्र
NEET UG 2026 में पंजाब के लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। इंडिया टीवी को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपने सपने के बारे में भी बताया था। उनके कुल स्कोर में बायोलॉजी के 360 अंक, फिजिक्स के 180 अंक और केमिस्ट्री के 175 अंक शामिल रहे। आर्यन ने बताया कि उन्होंने कक्षा 11 से NEET की तैयारी शुरू की थी। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ उन्होंने NEET के लिए रोजाना करीब 13 से 14 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने मुख्य रूप से अपने कोचिंग संस्थान के स्टडी मटेरियल और शिक्षकों के निर्देशों को फॉलो किया।
परीक्षा से पहले करीब 40 मॉक टेस्ट दिए
आर्यन ने बताया कि NEET से कुछ महीने पहले उन्होंने मॉक टेस्ट, सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर खास ध्यान दिया। उन्होंने करीब 40 मॉक टेस्ट दिए। उनके मुताबिक, इन टेस्ट से उन्हें परीक्षा में सवालों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मदद मिली। आर्यन ने भविष्य के NEET उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहा,
'सवालों को हल करने पर ध्यान दें और जितने ज्यादा मॉक टेस्ट दे सकते हैं, दें। इससे आपको किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का सामना करने के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।'
दोनों की रणनीति में एक बात दिखी कॉमन
दोनों टॉपर्स की रणनीति में एक बात समान दिखाई देती है कि सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि पढ़े हुए को लगातार दोहराना, सवाल हल करना और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी गलतियों को सुधारना भी जरूरी होता है। NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में यही अभ्यास तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
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