1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. डैनी डेंजोंगप्पा को है इस बात को अफसोस

डैनी डेंजोंगप्पा को है इस बात को अफसोस

दिग्गज कलाकार डैनी डेंजोंगप्पा ने बीते वर्षों में दी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को खूब लुभाया है। लेकिन वरिष्ठ अभिनेता डैनी चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी पहचान नहीं बनाना चाहते, उन्हें अफसोस है कि...

danny- India TV Hindi
danny

मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार डैनी डेंजोंगप्पा ने बीते वर्षों में दी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को खूब लुभाया है। लेकिन वरिष्ठ अभिनेता डैनी चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी पहचान नहीं बनाना चाहते, उन्हें अफसोस है कि बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन को छोड़कर 60 से ज्यादा उम्र वाले अभिनेताओं के लिए स्तरीय काम की कमी है। डैनी ने कहा, "इन दिनों मैं ज्यादा काम नहीं करता हूं। दरअसल, मेरे पास कभी काम रहता है, कभी नहीं रहता है। प्रभावशाली कारपोरेट घरानों से मुझे कई प्रस्ताव मिलते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं जो मुझे प्रेरित करता हो।"

इसे भी पढ़े:- स्वच्छ भारत अभियान का चेहरा बन सकते हैं अमिताभ बच्चन

उन्होंने कहा, "अगर मैं छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाता हूं तो मेरी छवि एक चरित्र अभिनेता की बन जाएगी। मगर अफसोस की बात है कि अमिताभ बच्चन को छोड़कर 60 से ज्यादा उम्र वाले अभिनेताओं को पेश करने के लिए हमारे सिनेमा के पास कुछ खास नहीं है।" उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मैंने नीरज पांडे की फिल्म 'बेबी' में काम कर आनंद का अनुभव किया। और अब 'काबुलीवाला' सामने है।"

डैनी आजकल रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कहानी 'काबुलीवाला' के सिनेमा के लिए रूपांतरण पर काम कर रहे हैं। बलराज साहनी ने इसका रूपांतरण साल 1961 में किया था। वह इसको नए अंदाज में पेश करना चाहते हैं। डैनी कहते हैं कि यह न माना जाए कि वह महान अभिनेता बलराज साहनी के काम की बराबरी करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।

डैनी मानते हैं, "बलराज सहनी की बराबरी करने की संभावना तक नहीं है। वह महान अभिनेता थे। मैं अपनी तरह से कोशिश कर रहा हूं। आशा है कि मैं इस काम से कुछ प्रभाव छोड़ पाऊंगा।" 'काबुलीवाला' कहानी के संवेदात्मक महत्व को देखते हुए डैनी इसमें पूरी सक्रिय हो गए हैं। जब युवा निर्देशक देव 'काबुलीवाला' का विचार लेकर डैनी के पास आए तो वह इस अच्छे सुझाव के प्रति आकर्षित हो गए।

उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश शास्त्रीय कहानी को आधुनिक स्वरूप देने की है। लेकिन कहानी के कथ्य और शिल्प वही हैं, जिसमें एक घर से बाहर रहने पर खिन्न फल विक्रेता कोलकाता की एक छोटी लड़की से नाता जोड़ता है। डैनी कहते हैं कि वह बड़े संयम और धर्य से इस काम में लगे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में अफगानी नागरिक यानी काबुलीवाला का किरदार उन्हें ही निभाने को मिला है।

सिक्किम के मूल निवासी डैनी को इस बात की खुशी है कि उन्हें इस फिल्म में पूर्वोत्तर की एक अभिनेत्री गीतांजलि थापा के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। उन्हें यह जानकार खुशी हुई कि गीतांजलि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं।

Latest Bollywood News