नई दिल्ली: ‘जंपिंग जैक’ के नाम से लोकप्रिय हुए अभिनेता जितेंद्र ने अपने अभिनय और डांस से बॉलीवुड में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। पंजाब के अमृतसर में जन्में रवि कपूर आज बॉलीवुड में जितेंद्र कपूर के नाम से जाने जाते हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स के अध्यक्ष और टेलीविजन फिल्म के निर्माता जितेन्द्र आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक वक्त पहले की बता है जब मुंबई के गोरेगांव के सिनेमाघर में अक्सर कुछ लड़कों का एक गुट्ट फिल्म देखने जाया करता था, तभी अचानक एक दिन फिल्म निर्देशक वी.शांताराम भी फिल्म देखने वहां पहुंचे।
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इन लड़कों का गुट्ट फिल्म देखने के बाद बाहर आ कर लोगों को फिल्म के बारे में बताते थे। उन्हीं में से एक लड़का फिल्म के बारे में लोगों को बता रहा था तभी उस पर निर्देशक शांताराम की नजर पड़ी वह उस लड़के को देखकर काफी प्रभावित हुए और उसी समय उन्होंने उसे अपनी फिल्म में लेने के बारे में सोच लिया। शांताराम ने उस लड़के को अपने पास बुलाकर अपनी फिल्म ‘गीत गाया पत्थरों ने' में काम करने के प्रस्ताव दिया।… आप को बता दें ये लड़का कोई और नहीं बल्कि सुपरस्टार जितेंद्र थे। बचपन से ही जितेंद्र को फिल्मों मे काफी दिलचस्पी थी, वो घर से छुप कर फिल्में देखने जाया करते थे। जितेंद्र एक जौहरी परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पूरे परिवार का जीवन यापन इसी व्यापार से चलता था।
फिल्मी करियर
जितेंद्र को उनकी 1964 में आई फिल्म ‘गीत गाया पत्थरों ने’ से उनको अपनी पहचान बनाने का एक अच्छा मौका मिला था। इसके बाद उनकी 1967 में आई फिल्म ‘गुनाहों का देवता’,’फर्ज़’ और ‘बूंद जो बन जाए मोती’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। जितेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में ‘हिम्मतवाला’, ‘तोहफ़ा’ और ‘जानी दुश्मन’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इन फिल्मों को लोग आज भी याद करते है।
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