मुंबई: फिल्म निर्देशक मीरा नायर अब एक नई कहानी ‘क्वीन ऑफ कटवे’ को लेकर दर्शकों के सामने पेश हो रही हैं। वह अपनी इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। मीरा का कहना है कि जीवन की सच्ची घटना पर आधारित उनकी फिल्म 'क्वीन ऑफ कटवे' सपनों को साकार करने का संदेश देती है। फिल्म युगांडा में कंपाला की एक मलिन बस्ती में रहने वाली लड़की के शतरंज चैंपियन बनने की कहानी है।
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उन्होंने कहा कि विलक्षण प्रतिभा वाले लोग कहीं भी मिल सकते हैं। मैदिना नालवांगा ने शतरंज चैंपियन फियोना मुतेसी की भूमिका निभाई है। फियोना अशिक्षित होने के बावजूद शतरंज की ग्रैंड मास्टर बनती हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या फियोना और मैदिना की मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि दोनों सेट पर एक बार और बाद में कई बार मिली हैं। फियोना ने 13 साल की उम्र में स्कूल जाना शुरू किया। दोनों में खूब बनती हैं और दोनों कंपाला की एक ही गली में रहती हैं।
फियोना की मां की भूमिका निभा रहीं लूपिटा की तारीफ करते हुए मीरा ने कहा कि अभिनेत्री ने साहसी और मजबूत महिला की भूमिका को जीवंत कर दिया है। मीरा ने कहा कि वह शतरंज की उस्ताद नहीं हैं। फियोना ने उन्हें शतरंज की कुछ चालें सिखाई है। फिल्मकार शतरंज की कुछ बुनियादी चालों को खेल पाती हैं।
फिल्म की निर्देशक 'क्वीन ऑफ कटवे' को सार्वभौमिक कहानी मानती हैं। उन्होंने कहा कि इसकी कहानी समाज के पिछड़े वर्ग से संबंध रखती है और यह सपनों को महसूस करके उन्हें साकार करने का संदेश देती है। मीरा के मुताबिक, उन्होंने फिल्म के हिंदी में डबिंग के दौरान सावधानीपूर्वक काम किया है।
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