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Hindi News मनोरंजन बॉलीवुड Birthday Special: लता मंगेशकर ने इस वजह से नहीं की ताउम्र शादी

Birthday Special: लता मंगेशकर ने इस वजह से नहीं की ताउम्र शादी

संगीत की मलिका लता मंगेशकर 28 सितंबर को अपना 90वां जन्मदिन मना रही है।

Lata Mangeshkar- India TV Hindi Lata Mangeshkar

नई दिल्ली: भारतरत्न स्वर-कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज का जादू न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में फैलाया है। उनकी गिनती अनमोल गायिकाओं में की जाती है। संगीत की मलिका लता मंगेशकर 28 सितंबर को अपना 90वां जन्मदिन मना रही है। उन्हें अपने बेहतरीन गानों के लिए कई उपाधियों से नवाजा जा चुका है। भारत रत्न लता मंगेशकर का छह दशकों का गायकी का करियर उपलब्धियों से भरा है। उनकी आवाज ने संगीत की दुनिया को सुरों से सजाया है। उनकी आवाज लोगों के जहन में उतरती थी।

लता का नाम सुनते ही हम सभी के कानों में मीठी मधुर आवाज शहद सी घुलने लगती है। उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई मधुर गीत गाए। छह दशक से हिन्दुस्तान की आवाज बन चुकी लता ने 30 से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर फिल्मी हजारों गानों में अपनी आवाज का जादू चलाया है। लता ही एकमात्र ऐसी जीवित व्यक्ति हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं।

लता का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यम वर्गीय मराठा परिवार में हुआ। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी हैं। लता का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी हैं। मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे हैं। उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे।

लता का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई। जब लता 7 साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आईं। उन्होंने 5 साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय शुरू कर दिया था। लता बचपन से ही गायक बनना चाहती थीं।

Lata Mangeshkar

उनके पिता शास्त्रीय संगीत के बहुत बड़े प्रशंसक थे, इसीलिए शायद वह लताजी के फिल्मों में गाने के खिलाफ थे। वर्ष 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और अर्थोपार्जन के लिए लता ने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभानी शुरू की। लताजी को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। उन्होंने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया। लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपना करियर चुना।

विवाह के बंधन में क्यों नहीं बंधी लता?

बचपन में कुंदनलाल सहगल की एक फिल्म 'चंडीदास' देखकर वह कहती थीं कि वह बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी। लेकिन उन्होंने शादी नहीं की। उनका कहना है कि घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं।

Lata Mangeshkar

लता ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मधुर गीत लोगों का ध्यान खींचने में बखूबी भूमिका निभाते हैं। आज भी वह स्वर्णिम दौर जी रही हैं, क्योंकि शायद ही कोई ऐसा होगा जो उनके गीतों पर मुग्ध न हो जाए। उनकी कोयल सी मधुर आवाज ने सैकड़ों फिल्मों के गीतों को अमर बनाया है।

 

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