नई दिल्लीः पत्रकार से फिल्म निर्देशक बने विनोद कापड़ी का सिर कलम करने का फरमान उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के भैंसी गांव की अहलावत खाप पंचायत ने जारी किया है और बदले में 51 भैंस इनाम में देने का ऐलान किया है।
खाप का आरोप है कि फिल्म "मिस टनकपुर हाज़िर हो" में खाप को गलत तरीके से दर्शाया गया है। वहीं फिल्म में भैस के साथ दुष्कर्म करने वाले एक व्यक्ति को उसी भैंस से शादी करने का फैसला सुनाया जाता है। इस बात पर भी खाप ने आपत्ति जताई है और विनोद कापड़ी को 'सबक' सिखाने का मन बना लिया है।
पंचायत ने फिल्म पर रोक की मांग की है और ऐसा न करने पर सिनेमा घरों में आग लगाने की चेतावनी दी है।
वहीं विनोद कापड़ी ने एक चैनल से बात करते हुए पंचायत के लोगों को फिल्म देखने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि अगर वो लोग फिल्म देखने के बाद भी आपत्ति जताएंगे तो वो खुद उन्हें 51 भैंसें देने को तैयार है।
हमारी राय- हमारे देश में ये समस्या हमेशा से देखी गई है कि लोग फिल्म देखने से पहले ही हंगामा करना शुरू कर देते हैं और फिल्म को आर्थिक नुक्सान पहुंचाने की ठांन लेते है।
पीके, मद्रास कैफे, माई नेम इज खान, ओ माई गॉड जैसी कई अन्य फिल्में इस जंजाल में फंस चुकी है जिसकी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे बैन करने की मांग उठ चुकी है। लेकिन असल में ये फिल्में समाज की सच्चाईयों को सामने लाई जिसे बाद में उन्हीं लोगों ने सराहा जिन्होंने इसका विरोध किया था।
'मिस टनकपुर हाजिर हो' को पहले देखें उसके बाद कोई फैसला ले तो ज्यादा समझदारी होगा। यह फिल्म 26 जून को रिलीज होनी है।
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