नई दिल्ली: संजय दत्त की जिंदगी पर राजकुमार हिरानी 'संजू' नाम की एक बायोपिक फिल्म लेकर आ रहे हैं। रणबीर कपूर, दिया मिर्जा, सोनम कपूर, मनीषा कोईराला और परेश रावल जैसे सितारों से सजी यह फिल्म 29 जून को रिलीज हो रही है। संजूय दत्त की जिंदगी भी एक फिल्म की तरह ही है, जहां कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। उनकी जिंदगी में रोमांस, एक्शन, धोखा, ड्रग्स-अंडरवर्ल्ड सबकुछ रहा है। आज हम आपको संजय दत्त से जुड़ी 30 ऐसी बातें बताने वाले हैं जो शायद आप ना जानते हों।
- संजय दत्त जब नरगिस के पेट में थे उस वक्त उनके पिता सुनील दत्त और मां ने रेडियो पर एक एड दिया था जिसके तहत लोगों से बच्चे का नाम पूछा गया था। कई नामों के बाद नरगिस को संजय नाम पसंद आया, उस वक्त नरगिस ने सोच लिया कि अगर उनके घर बेटा जन्मा तो उसका नाम वो लोग संजय ही रखेंगे। इस तरह संजय दत्त का नाम रखा गया।
- संजय दत्त जब जेल में थे उस वक्त उन्हें पेपर बैग बनाने का काम दिया गया था, जिसके लिए उन्हें दिन के 50 रुपये मिला करते थे। इसके साथ ही संजू जेल के रेडियो के लिए रेडियो जॉकी का काम भी किया करते थे। सारे कैदी तो संजय दत्त से मिल नहीं पाते थे, लेकिन रेडियो के जरिए संजय दत्त उन्हें अपनी जिंदगी के रोचक किस्से सुनाया करते थे। आपको बता दें, संजय दत्त बहुत अच्छे स्टोरी टेलर भी हैं। संजय दत्त जब जेल से बाहर निकले उस वक्त उनकी कमाई 30 हजार रुपये से ज्यादा हो चुकी थी, जिसमें से वो सारी इनकम जेल की कैंटीन में खर्च कर चुके थे। उनके पास बस 400 रुपये थे जो उन्होंने अपनी वाइफ मान्यता दत्त को जेल से बाहर आने के बाद सौंपे थे।
संजय दत्त को ड्रग्स की बुरी लत थी। फिल्म रॉकी की शूटिंग के दौरान भी संजय दत्त नशे में रहा करते थे। उनकी लत इतनी ज्यादा थी कि वो शूट पर भी नशे में जाते थे। एक बार तो उन्हें मां के इलाज के लिए न्यू यॉर्क जाना था, नशे के बगैर वो रह नहीं सकते थे इसलिए उन्होंने अपनी शॉक्स में ड्रग्स छिपा लिए थे। उस वक्त संजय दत्त को ये एहसास नहीं था, बाद में एक इंटरव्यू में संजय ने माना कि ये बहुत बड़ी गलती थी, अगर मैं पकड़ा जाता तो मेरे साथ यात्रा कर रही मेरी बहनें भी जेल में होती।
संजय दत्त ने पहली बार सिगरेट जब पी थी उस वक्त उनकी उम्र महज 9 साल थी। पिता सुनील दत्त से मिलने कई निर्माता-निर्देशक आया करते थे और वो बची हुई सिगरेट वहीं छोड़ देते थे। संजू उन सिगरेट को छिपकर पीने लगते थे। एक बार जब सुनील दत्त ने संजय को ऐसा करते पकड़ा तो वो बहुत नाराज हुए और सोचा यहां उसे बहुत प्यार किया जाता है इसलिए वो बिगड़ गए हैं। इस वजह से सुनील दत्त ने उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया।
संजय दत्त को पढ़ाई करने का बिल्कुल मन नहीं था, वो बस फिल्मों में काम करना चाहते थे। लेकिन सुनील दत्त का कहना था कि आगे तुम्हें जो भी करना हो करो लेकिन तुम्हारा ग्रेजुएट होना बहुत जरूरी है। इसके बाद उनका एडमिशन मुंबई के कॉलेज में करवाया गया, लेकिन वो एक दो दिन से ज्यादा क्लास में नहीं गए। यही वो दौर था जब वो गलत संगत में पड़ गए और उन्हें हैवी ड्रग्स लेने की लत पड़ गई।
जब संजू की पहली फिल्म रॉकी रिलीज होनी थी उस वक्त उनकी मां नरगिस की हालत बहुत खराब थी। उनका कैंसर लास्ट स्टेज पर था। लेकिन वो बेटे की डेब्यू फिल्म देखना चाहती थीं। उन्होंने सुनील दत्त से ये इच्छा जाहिर की तो उन्होंने पूरा इंतजाम कर लिया। स्ट्रेचर मंगवा लिया गया, अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर ली गई, लेकिन फिल्म की रिलीज से 5 दिन पहले ही 3 मई को नरगिस का देहांत हो गया। जब रॉकी की स्क्रीनिंग हुई उस वक्त सुनील दत्त ने एक कुर्सी नरगिस के लिए खाली रखी थी।
संजय दत्त और टीना मुनीम की मुलाकात फिल्म रॉकी के सेट पर हुई थी, यहीं से उनका प्यार परवान चढ़ा। दोनों का रिश्ता करीब दो साल तक चला लेकिन संजू की ड्रग्स आदत और पजेसिवनेस से परेशान टीना ने संजय से रिश्ता तोड़ लिया।