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'पापा को लगा बेटी भटक गई', अनुप्रिया नागर ने बताया 'हनुमान अंश' बनाने पर कैसा था पिता का रिएक्शन, कभी Apple में करना चाहती थीं नौकरी

'हनुमान अंश' की सफलता ने इस साल पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया। अब इस फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया है कि कैसे उन्हें इस फिल्म को बनाने की प्रेरणा मिली और उनके फैसले पर घरवालों का खासतौर पर उनके पिता का क्या रिएक्शन था।

anupriya nagar- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/@ANUPRIYANAGAR2709 अनुप्रिया नागर।

'हनुमान अंश' की सफलता किसी से छिपी नहीं है। मात्र 2 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म इस साल की सबसे कमाऊ फिल्मों में से एक बन चुकी है। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ से भी ज्यााद का कलेक्शन किया और कई बिग बजट फिल्मों को धूल चटा दी। इस फिल्म की सफलता ने कई नए फिल्म मेकर्स को भी हौसला दिया है, जिसके चलते बैक टू बैक कई संत-महत्माओं की जिंदगी को पर्दे पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। अब इस फिल्म की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने भी इस फिल्म की सफलता और इसे बनाने के फैसले पर घरवालों के रिएक्शन पर खुलकर बात की है। 'कर्ली टेल्स' से बात करते हुए 21 साल की अनुप्रिया नागर ने बताया कि कैसे इस फिल्म ने उनकी जिंदगी को एक नई दिशा दी और सबकुछ बदल दिया।

पिता को लगा बेटी भटक गई- अनुप्रिया नागर

अनुप्रिया नागर ने बातचीत के दौरान बताया कि शुरुआत में उन्होंने फिल्ममेकिंग के बारे में नहीं सोचा था। ये उनकी किस्मत थी जो उन्हें यहां तक लेकर आई। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में विदेश में अच्छी नौकरी करना चाहती थीं। उनके पास विदेश में अच्छी नौकरी करके करियर बनाने का मौका था। वह लगभग 'एप्पल' में सिलेक्ट हो गई थीं, लेकिन दूसरे राउंड में वह बाहर हो गईं। इसके बाद वह उन्होंने फिल्म बनाने का फैसला लिया और उनका परिवार उनके फैसले से हैरान रह गया। अनुप्रिया ने बताया कि उनके पिता को इस बात की चिंता थी कि वह कहीं भटक न जाएं और पढ़ाई और नौकरी छोड़कर फिल्म इंडस्ट्री में उतरना कहीं उनके करियर की बड़ी भूल न बन जाए।

अनुप्रिया नागर ने यूके से की है पढ़ाई

'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नगर ने ब्रिटेन (UK) से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है और ज़्यूरिख में उनकी नौकरी पक्की थी। लेकिन, Apple कंपनी के दूसरे राउंड का इंटरव्यू वह नहीं निकाल पाईं। इसके बाद उन्होंने एप्पल के सह-संस्थापक रहे स्टीव जॉब्स के शुरुआती दिनों के बारे में पढ़ना शुरू किया और उन्हें पता चला कि स्टीव जॉब्स को उत्तराखंड स्थित नीम करोली बाबा के कैंची धाम से प्रेरणा मिली थी। इसके बाद अनुप्रिया भी कैंची धाम गईं और नीम करोली बाबा की भक्त बन गईं। यही वो वजह थी जिसके चलते वह विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' से जुड़ीं, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया।

फिल्ममेकिंग के फैसले के हक में नहीं थे पिता

अनुप्रिया नागर बताती हैं कि उनके पिता को शुरुआत में फिल्म में पैसे लगाने के फैसले से आपत्ति थी। वह कहती हैं- 'जब मैंने अपने पिता को फिल्ममेकिंग के अपने फैसले के बारे में बताया, तो उन्हें लगा कि मेरी बेटी भटक रही है। मेरे पिता को लगा कि मैंने विदेश से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है और अब ज्यूरिख में अच्छी नौकरी छोड़कर फिल्म में पैसे लगाना चाहती हूं। बड़ी नौकरी छोड़कर बॉलीवुड में पैसे लगाना एक बड़ा जोखिम हो सकता है।' बता दें, हनुमान अंश 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआत में चींटी की चाल चल रही इस फिल्म ने 3 हफ्ते बाद ऐसी रफ्तार पकड़ी की हर कोई हैरान रह गया। जब फिल्म रिलीज हुई अनुप्रिया के पिता लंदन में थे और जब वह लंदन यात्रा से भारत वापस लौटे तो 'हनुमान अंश' देखने की इच्छा जताई, लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि मुंबई के किसी भी थिएटर में उन्हें एक भी टिकट नहीं मिल सकी।

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