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'वो गुरुद्वारे में गाता था', अरिजीत सिंह के पिता ने बटे के सफर को किया याद, लाहौर से आकर जियागंज में बसा था सिख परिवार

अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने हाल ही में अपने परिवार के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनका सिख परिवार विभाजन के बाद लाहौर छोड़कर पश्चिम बंगाल आ गया और जियागंज में आकर बस गया।

arijit singh- India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK/ARIJIT SINGH FAN BASE पिता के साथ अरिजीत सिंह

अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी, 2026 को प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा करके अपने देशभर के फैंस को हैरान कर दिया था। उनके इस फैसले से उनके फैंस काफी निराश हो गए थे। उनके लिए ये समझना मुश्किल था कि आखिर अपने करियर के पीक पर अरिजीत सिंह ने ये फैसला क्यों लिया। उन्होंने अचानक से अपने अच्छे-खासे प्लेबैक सिंगिंग करियर को क्यों छोड़ दिया? एक तरफ जहां अभी भी अरिजीत सिंह के फैंस उनके इस फैसले को नहीं पचा सके हैं, वहीं पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक छोटे से कस्बे जियागंज से सिंगर की पर्सनल लाइफ को लेकर नई कहानी सामने आई है। अरिजीत सिंह का जन्म मुर्शिदाबाद के जियागंज में ही हुआ और यहीं वह पले-बढ़े, यही वजह है कि आज भी वह इस जगह से गहराई से जुड़े हैं।

लाहौर से आकर जियागंज में बसा परिवार

द टेलीग्राफ इंडिया से बातचीत में, अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने अपने परिवार की उस यात्रा के बारे में बात की जो अरिजीत के मशहूर होने से बहुत पहले शुरू हुई थी। सुरिंदर सिंह ने कहा- “हमारा पैतृक घर लाहौर के पास था। विभाजन के बाद, मेरे पिता अपने तीन भाईयों के साथ लालगोला चले गए। अन्य कई परिवारों की तरह हमें भी विभाजन के बाद सब कुछ पीछे छोड़ना पड़ा और नई शुरुआत करनी पड़ी। लालगोला से परिवार जियागंज चला आया और नदी किनारे बस गया। कुछ पंजाबी परिवारों ने इसे अपना ठिकाना बनाया, जो बाद में पंजाबीपारा के नाम से जानी गई। यहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा भी बनाया जो आध्यात्मिक और सामाजिक केंद्र बन गया। जो चीज सर्वाइवल के लिए शुरू हुई थी वो धीरे-धीरे अपनेपन में बदल गई।”

पड़ोसियों और रिश्तेदारों के लिए 'शोमू' हैं अरिजीत सिंह

अरिजीत के पिता बताते हैं कि जियागंज में अरिजीत कभी स्टार नहीं थे। पड़ोसी और परिवार के लोग अब भी उन्हें "शोमू" कहकर बुलाते हैं। अरिजीत के लिए शुरुआत से ही संगीत का बहुत महत्व था। वह पहले अपनी मां के साथ गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे। 2013 में भारत के सबसे मशहूर सिंगर्स में से एक बनने के बाद भी, घर की याद उनके दिल में हमेंशा बसी रही। सुरिंदर सिंह ने एक मशहूर सिंगर के पिता के रूप में अपने गर्व को बयां किया। उन्होंने कहा, "बहुत अच्छा लगता है। मुझे खुशी होती है। लोग मुझसे अक्सर पूछते हैं, 'आपका बेटा क्या कर रहा है', 'उसका अगला प्रोजेक्ट क्या है।"

घर से इमोशनल बॉन्ड

मुंबई में जबरदस्त सफलता के बाद भी, अरिजीत हमेशा ही जियागंज की ओर आकर्षित होते रहे हैं। इस बारे में बात करते हुए सुरिंदर सिंह कहते हैं- “यह बहुत ही शांत जगह है। मेरा बेटा हमेशा जियागंज से जुड़ा रहा है। वह मुंबई में नहीं रह सका और उसे वापस लौटना पड़ा।” अरिजीत का जियागंज से जुड़ाव सिर्फ भावनात्मक नहीं है। उनके बच्चे यहीं पढ़ते हैं, और उनके कई चैरिटेबल प्रोजेक्ट जियागंज में स्कूलों को मजबूत और बेहतर बनाने में फोकस करते हैं।

‘रैना’ के साथ शुरू किया नया चैप्टर

प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के बाद अरिजीत सिंह ने एक नई शुरुआत की है। उन्होंने हाल ही में शेखर रवजियानी द्वारा संगीतबद्ध और प्रिया सरैया द्वारा लिखित ‘रैना’ नाम का नया गाना रिलीज किया है, जिसे उनके फैंस से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। ये गाना गरुड़ा म्यूजिक के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

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