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'बदला लेने पर उतारू', नसीरुद्दीन शाह के 'झूठी पार्टी' कहते ही भड़के BJP नेता, लगाया लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश का आरोप

नसीरुद्दीन शाह के SRFTI छात्रों के समर्थन में सामने आने पर बीजेपी ने उन पर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस तेज हुई।

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Image Source : NASEERUDDIN SHAH INSTAGRAM नसीरुद्दीन शाह।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों के समर्थन में सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर निशाना साधा है। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि अभिनेता देश के लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं। यह विवाद उस समय सामने आया, जब संस्थान के छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और शाह ने लोगों से उनके समर्थन में आगे आने की अपील की थी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, छात्र आंदोलनों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर बहस तेज कर दी है।

SRFTI के छात्रों के समर्थन में आए नसीरुद्दीन शाह

नसीरुद्दीन शाह ने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने जागरूक नागरिकों से छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की। अभिनेता के इस रुख के बाद मामला राजनीतिक बहस में बदल गया और बीजेपी नेताओं ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई। शाह का समर्थन ऐसे समय में सामने आया, जब संस्थान के परिसर में छात्रों और एक संगठन से जुड़े लोगों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव की स्थिति बनी थी। छात्रों ने परिसर में हुई घटना और संस्थान के प्रशासन के रवैये को लेकर सवाल उठाए थे। इस पूरे मामले में छात्रों की सुरक्षा, उनकी मांगों और संस्थान की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा हुई।

बीजेपी ने अभिनेता पर लगाए गंभीर आरोप

नसीरुद्दीन शाह की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेताओं ने उनके रुख की आलोचना की। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि शाह के बयान देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा हैं। हालांकि, यह बीजेपी की राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप हैं, जिन्हें अभिनेता के विचारों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी को फिर चर्चा में ला दिया है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थन में सामने आए अभिनेता की टिप्पणी पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

राहुल सिन्हा का रिएक्शन

बीजेपी के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए कहा, 'नसीरुद्दीन शाह इतने लंबे समय तक सोए हुए थे, फिर अचानक उनकी नींद कैसे खुल गई? वह तभी जागे, जब उन्हें विदेश से कोई इशारा मिला। उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही है और किस जगह से संकेत दिए जा रहे हैं, इसका पूरा सबूत सामने आएगा, चिंता मत कीजिए। भारत में रहकर भारत के खिलाफ बोलने और देश को टुकड़ों में बांटने की बात करने वालों को हम यहां रहने नहीं देंगे।'

रितेश तिवारी का रिएक्शन

वहीं, बीजेपी विधायक रितेश तिवारी ने भी नसीरुद्दीन शाह पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'नसीरुद्दीन शाह की विचारधारा शुरू से ही बीजेपी और संघ के विरोध में रही है। मैं उनके बड़े भाई को भी जानता हूं। उनकी बेटी की शादी कोलकाता में हुई है। वह सीपीआई (एम) के एक नेता की बहू हैं और चुनाव भी लड़ चुकी हैं। जब पश्चिम बंगाल के मंत्री और कोलकाता के मेयर ‘दावत-ए-इस्लामी’ का नारा लगा रहे थे, तब नसीरुद्दीन शाह चुप क्यों थे? ये ऐसे लोग हैं, जो विदेशी पैसों के इशारे पर नाचते हैं और देश की जनता सब कुछ देख रही है।'

नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था?

'आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह, बीजेपी - झूठी पार्टी ने बंगाल में धोखे से दर्ज की जीत के बाद अब पूरी तरह से बदला लेने पर उतारू हो गई है, वो भी किसी से भी जो उनकी मानसिकता में विश्वास नहीं रखते हैं। इसके हालिया विक्टिम एस्पायरिंग फिल्म मेकर्स हैं, जो सत्यजीत रे इंस्टीट्यूट में पढ़ रहे हैं। अकाउंटेबिलिटी की बात करने पर उन्हें शो कॉज नोटिस दिया गया है। उन्बें सर्विलांस पर रखा गया है। उन्हे धमकी दी गई और अब उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कह दिया गया है। ये बीजेपी अपने फेवर का प्रोपेगेंडा चला रही है, जिसके जरिए ये या तो फ्यूचर एस्पाइरिंग फिल्म मेकर्स को डरा धमका रही है या उनका ब्रेन वॉश कर रही है, लेकिन मैं वादा करता हूं ऐसा होने नहीं वाला, ये यंग लोग जो भविष्य में सच्चाई बताएंगे कि हम किस देश और किस हाल में हैं। मैं सभी दिमाग वाले लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट के छात्रों का साथ दें।'

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क्या है SRFTI विवाद?

कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट देश के प्रमुख फिल्म और टेलीविजन प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां छात्रों और परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया था। छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना संस्थान में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई। इस पर विरोध जताने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। घटना के बाद छात्रों ने परिसर में सुरक्षा और प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब छात्रों के आंदोलन को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। इसी क्रम में नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर फिर छिड़ी बहस

नसीरुद्दीन शाह को भारतीय सिनेमा के अनुभवी अभिनेताओं में गिना जाता है। वह पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। SRFTI के छात्रों के समर्थन के बाद उनके बयान ने एक बार फिर कलाकारों की सार्वजनिक भूमिका और राजनीतिक आलोचना की सीमाओं पर चर्चा शुरू कर दी है।

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