ऋतिक रोशन की 'काबिल' का चाइल्ड आर्टिस्ट, अक्षय कुमार और एमएस धोनी संग आए नजर, अब क्वांटम फिजिक्स से बनाई नई पहचान
जस खेतानी ने 100 से ज्यादा विज्ञापनों और ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' में काम किया, लेकिन शोबिज छोड़कर साइंस चुनी। महज 20 साल की उम्र में वह क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम कर रहे हैं।

बॉलीवुड और विज्ञापन की दुनिया में पहचान बनाना लाखों युवाओं का सपना होता है। बचपन में कैमरे के सामने आने वाले कई कलाकार बड़े होकर मनोरंजन जगत में अपना करियर बनाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो सफलता के शिखर पर पहुंचने से पहले ही अपनी मंजिल बदल लेते हैं। ऐसी ही कहानी है जस खेतानी की, जिन्होंने महज 20 साल की उम्र में एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी कल्पना करना भी कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। जस ने बचपन में 100 से ज्यादा विज्ञापनों में काम किया। वह अक्षय कुमार और एमएस धोनी जैसी जानी-मानी हस्तियों के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं और ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' का भी हिस्सा रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय की दुनिया से दूरी बनाकर कंप्यूटर साइंस, क्वांटम फिजिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की राह चुन ली। आज जस अपनी पढ़ाई के साथ तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर तलाश रहे हैं।
100 से ज्यादा विज्ञापनों में किया काम, 'काबिल' में भी आए नजर
जस खेतानी का चेहरा आपने शायद कई बार टेलीविजन विज्ञापनों में देखा होगा। ओडोमॉस, डेटॉल, एवरेडी, रूह अफजा और मास्टरशेफ जैसे ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम करके उन्होंने कम उम्र में ही पहचान बना ली थी। वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों का हिस्सा रहे और उन्हें कई चर्चित हस्तियों के साथ काम करने का मौका मिला। विज्ञापनों के अलावा जस ने फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह साल 2017 में रिलीज हुई ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' में नजर आए थे। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे अपने करियर के बारे में सोचना भी शुरू नहीं करते, उस उम्र में जस कैमरे और फिल्मी दुनिया का अनुभव हासिल कर रहे थे। उनके पास मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने के कई मौके थे, लेकिन उनकी दिलचस्पी धीरे-धीरे एक बिल्कुल अलग क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी।
एक्टिंग छोड़ चुनी कंप्यूटर साइंस की राह
जस खेतानी ने शोबिज की दुनिया में आगे बढ़ने के बजाय पढ़ाई और तकनीक को अपना लक्ष्य बनाया। फिलहाल वह अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित फेयरले डिकिंसन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ उन्होंने गणित को माइनर विषय के तौर पर चुना है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो जस का जीपीए 3.97 बताया गया है, जो उनके पढ़ाई के प्रति समर्पण को दिखाता है। जस की दिलचस्पी केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। वह क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रहे हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीक में उनकी खास दिलचस्पी है। वह इस विषय पर मीडियम प्लेटफॉर्म पर लेख भी लिखते हैं और इसके संभावित इस्तेमाल तथा भविष्य की संभावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं।
अपनी कंपनी शुरू की, रोबोटिक्स और सॉफ्टवेयर पर भी किया काम
कम उम्र में जस ने पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने पर भी ध्यान दिया है। वह जेएएस यानी जस ऑटोमेशन सॉल्यूशंस के संस्थापक हैं। इस पहल के तहत उनका फोकस कारोबार के लिए एल्गोरिदम आधारित समाधान तैयार करने और डिजिटल तकनीक की मदद से कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने पर है। इसके अलावा उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट टेक्नोलॉजी असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। इस दौरान उन्होंने पायथन और मशीन लर्निंग की मदद से ह्यूमनॉइड रोबोट को अपग्रेड करने में योगदान दिया। टेलीकॉम सिस्टम इंटीग्रेटर में इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने पायथन आधारित कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर विकसित किया। इस काम में एजाइल पद्धति का इस्तेमाल किया गया। इन अनुभवों से साफ है कि जस तकनीक को केवल पढ़ नहीं रहे, बल्कि उसे वास्तविक समस्याओं के समाधान में इस्तेमाल करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
गरबा से लेकर मार्शल आर्ट्स तक, कई हुनर के मालिक हैं जस
जस की कहानी को खास बनाने वाली बात केवल उनका तकनीकी ज्ञान नहीं है। उनकी रुचियां कई अलग-अलग क्षेत्रों में फैली हुई हैं। उन्हें गरबा से खास लगाव है और वह 'ए हाालो' के संस्थापक भी हैं। इसके अलावा वह बांसुरी बजाने, मार्शल आर्ट्स और फायर स्टिक परफॉर्मेंस जैसी गतिविधियों में भी दिलचस्पी रखते हैं। वह रासलीला गरबा अकादमी से प्रशिक्षक के तौर पर भी जुड़े रहे हैं, जहां पारंपरिक गरबा नृत्य को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के विद्यार्थियों तक पहुंचाने में उनकी भूमिका रही है। उनकी बहन काव्यांशी सिमरिया ने मई में भाई के जन्मदिन पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उनकी इस असाधारण यात्रा के बारे में बताया था। उन्होंने लिखा कि जस ने 100 से ज्यादा विज्ञापनों और फिल्मों में काम किया, उनके पास ऐसा करियर था जिसका सपना बहुत से लोग देखते हैं, लेकिन उन्होंने अपने करियर के शिखर पर उससे दूर जाने का फैसला किया। बहन ने उनके अलग-अलग हुनर का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि जस एक साथ कई क्षेत्रों में रुचि रखते हैं और हर काम को पूरे उत्साह के साथ करते हैं।
11 साल की उम्र में याद कर ली थी पूरी किताब
जस की सीखने और चुनौती स्वीकार करने की आदत बचपन से ही दिखाई देने लगी थी। साल 2017 में जब वह छठी कक्षा में पढ़ते थे, तब उन्होंने धर्मेश पिथवा के नेतृत्व में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके सामने एक पूरी किताब याद करने की चुनौती रखी गई थी। खास बात यह थी कि उन्हें किताब के पन्नों के नंबर भी याद रखने थे। जस ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके प्रशिक्षक ने उन्हें कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाला सबसे कम उम्र का प्रतिभागी बताया था। आज जहां उनके साथ विज्ञापनों में नजर आए कुछ बाल कलाकार मनोरंजन जगत में अपना करियर आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं जस ने विज्ञान और तकनीक की दुनिया को अपनी प्राथमिकता बनाया है। सारा अर्जुन जैसी कलाकार, जो उनके साथ मैकडॉनल्ड्स के एक विज्ञापन में नजर आई थीं, आज फिल्मों में अपनी पहचान बना चुकी हैं। जस की राह उनसे अलग है।