फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध हर किसी को आकर्षित करती है। हर साल हजारों युवा बड़े पर्दे पर चमकने का सपना लेकर ऑडिशन की कतार में लगते हैं, लेकिन इस इंडस्ट्री में सफल होने जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा कठिन है इसके दबाव को सह पाना। बहुत कम लोग हैं जो यहां अपनी जगह बना पाते हैं और कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं जिनकी चमक उम्र से पहले ही बुझ जाती है। आज हम बात कर रहे हैं ऐसी ही एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री की, जिन्होंने बहुत कम उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और कुछ ही सालों में अपनी एक खास पहचान बना ली थी, लेकिन सिर्फ 22 साल की उम्र में वो ये इंडस्ट्री छोड़कर हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गईं। इस एक्ट्रेस का नाम था मयूरी है, जिन्हें तमिल सिनेमा में शालिनी के नाम से भी जाना जाता था।
15 की उम्र में मिला पहला ब्रेक
मयूरी का जन्म 1983 में हुआ था। जब वह 8वीं क्लास में पढ़ रही थीं, तभी निर्देशक केआर की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने मयूरी को फिल्म ‘कुंभकोणम गोपालु’ में कास्ट कर लिया। 1998 में रिलीज इस फिल्म में मयूरी ने एक नर्स की भूमिका निभाई थी। यह भूमिका उनकी प्रतिभा का पहला प्रमाण बन गई और उन्होंने इंडस्ट्री में अपना पहला कदम मजबूती से जमा दिया। तमिल फिल्मों से शुरुआत करने के बाद मयूरी ने मलयालम सिनेमा की ओर रुख किया, जहां उन्हें ‘समर इन बेथलहम’ जैसी हिट फिल्म में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके किरदार का नाम 'गायत्री' था, और दर्शकों ने उनके सहज अभिनय को काफी सराहा। इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता मोहनलाल ने भी कैमियो किया था, जिससे फिल्म को और अधिक प्रसिद्धि मिली।
धनुष के साथ किया काम
इसके बाद मयूरी ने 'आकाश गंगा', 'अरायन्नंगलुडे वीडु', 'भार्या वेत्तिल परमसुखम', 'प्रेम पुजारी' और 'चंदामामा' जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया। उन्होंने कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में भी अपने अभिनय का जादू दिखाया। साल 2004 में तमिल फिल्म ‘पुधुकोट्टयिलिरुंधु सरवणन’ में मयूरी को अभिनेता धनुष के साथ मुख्य भूमिका में देखा गया। इस फिल्म के जरिए वह फिर से तमिल दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो गईं। लेकिन जिस फिल्म में उन्हें सबसे अधिक पहचान मिली, वह थी कन्नड़ फिल्म ‘सर्वभूमा’, जिसमें उन्होंने 'बसंती' नाम का यादगार किरदार निभाया था।
22 साल में ली थी अपनी जान
अभिनय में तेजी से नाम कमाने वाली इस अदाकारा ने अचानक ही सबको चौंकाते हुए 16 जून 2005 को आत्महत्या कर ली। उस समय वह केवल 22 साल की थीं। खबरों के मुताबिक उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें लिखा था, 'अब मुझे जिंदगी से कोई उम्मीद नहीं रही।' उनकी आत्महत्या की वजह क्या थी, यह आज तक पूरी तरह सामने नहीं आ पाई है। कई लोग इसे इंडस्ट्री की राजनीति और मानसिक तनाव का परिणाम मानते हैं, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। मयूरी की मृत्यु के कई साल बाद, 2019 में उनकी अंतिम फिल्म ‘आकाश गंगा 2’ रिलीज हुई, जिसमें उनके पुराने फुटेज का इस्तेमाल किया गया था। यह फिल्म उनके फैंस के लिए भावनात्मक सफर बन गई, जो अब भी उन्हें याद करते हैं।
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