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दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरी FWICE, पीएम मोदी से लगाई गुहार, मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर जताई नाराजगी

दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सार्वजनिक रूप से फटकारे जाने पर FWICE ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। संगठन ने कलाकार के सम्मान और संवेदनशील व्यवहार की मांग की है।

daler mehndi and narendra modi- India TV Hindi
Image Source : ANI, PTI सुबोध उनियाल के साथ दलेर मेहंदी और दूसरी तस्वरी में पीएम नरेंद्र मोदी।

पंजाबी और बॉलीवुड गायक दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद मनोरंजन जगत की कई हस्तियां गायक के समर्थन में सामने आई हैं। राजपाल यादव, अनुपम खेर, कपिल शर्मा और बादशाह जैसे कलाकारों के बाद अब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने भी दलेर मेहंदी के पक्ष में आवाज उठाई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर चिंता जताते हुए कलाकारों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की मांग की है।

FWICE ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

फिल्म और टेलीविजन उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के संगठन FWICE ने अपने पत्र में कहा कि किसी कलाकार की शारीरिक स्थिति या प्रस्तुति को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों को संभालने का तरीका संवेदनशील और सम्मानजनक होना चाहिए। संगठन के मुताबिक सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी कलाकार को सबके सामने फटकारने के बजाय संबंधित मुद्दे को निजी तौर पर और समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए। FWICE ने अपने पत्र की एक प्रति उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी भेजी है। संगठन ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह इस मामले पर ध्यान दें और संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को कलाकारों के साथ व्यवहार करते समय अधिक संवेदनशीलता बरतने की सलाह दें।

दलेर मेहंदी की सेहत का भी किया जिक्र

FWICE ने अपने पत्र में दलेर मेहंदी की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और हाल ही में हुई सर्जरी से उबरने की बात का उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति में किसी कलाकार की शारीरिक अवस्था को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उसकी सेहत से जुड़ी किसी भी चिंता को सहानुभूति और पेशेवर तरीके से संभाला जाना चाहिए। पत्र में दलेर मेहंदी की जीवनशैली को लेकर भी सफाई दी गई है। संगठन ने कहा कि गायक शराब का सेवन नहीं करते हैं। ऐसे में उनकी स्थिति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। FWICE ने दलेर मेहंदी के संगीत जगत में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वह भारतीय संगीत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनके गानों और प्रस्तुतियों ने कई पीढ़ियों के श्रोताओं के बीच लोकप्रियता हासिल की है। संगठन के मुताबिक, इतने वरिष्ठ कलाकार के सार्वजनिक अपमान से मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को दुख पहुंचा है।

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद रविवार रात उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। उत्तराखंड सरकार की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री के इस व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मनोरंजन जगत में प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी और वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान का मुद्दा उठाया। 

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